3 वर्षीय मासूम की हत्या के मामले में आरोपी पिता को आजीवन कारावास की सजा

धमतरी जिले के दुगली कौहाबाहरा थाना क्षेत्र में 3 वर्षीय मासूम की हत्या के मामले में न्यायालय ने आरोपी पिता संजय कुमार मरकाम को दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास एवं अन्य दंड से दंडित किया है। प्रभावी पुलिस विवेचना और अभियोजन की मजबूत पैरवी के चलते यह सजा हुई। उत्कृष्ट विवेचना के लिए सहायक उप निरीक्षक प्रकाश नाग को पुरस्कृत किया जाएगा।

Aug 19, 2026 - 18:48
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3 वर्षीय मासूम की हत्या के मामले में आरोपी पिता को आजीवन कारावास की सजा

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l जिले के दुगली कौहाबाहरा थाना क्षेत्र में 3 वर्षीय मासूम की हत्या के मामले में न्यायालय ने आरोपी पिता संजय कुमार मरकाम को दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास एवं अन्य दंड से दंडित किया है। प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश, धमतरी के न्यायालय ने 11 अगस्त 2026 को मामले में फैसला सुनाया। पुलिस की प्रभावी विवेचना और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी के चलते आरोपी को दोषसिद्ध किया गया।

मामला थाना दुगली कौहाबाहरा के अपराध क्रमांक 19/2025 और धारा 103(1) बीएनएस से संबंधित है। पुलिस के अनुसार 19 मई 2025 को ग्राम आमदी में 3 वर्षीय मासूम की हत्या की घटना सामने आई थी। सूचना मिलने के बाद थाना दुगली कौहाबाहरा में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और संबंधित गवाहों के कथन दर्ज किए। इसके साथ ही उपलब्ध भौतिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को विधिवत संकलित किया गया। जांच के दौरान संजय कुमार मरकाम की संलिप्तता सामने आने पर पुलिस ने उसे 20 मई 2025 को गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लोहे का टंगिया और खून लगे कपड़े बरामद कर विधिवत जब्त किए गए। विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने 21 जुलाई 2025 को अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। मामले में 4 सितंबर 2025 को आरोप विरचित किए गए, जिसके बाद अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में आवश्यक साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए गए।

मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस द्वारा संकलित साक्ष्यों और अभियोजन की ओर से की गई प्रभावी पैरवी के आधार पर प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश धमतरी नमिता मिंज भास्कर के न्यायालय ने 11 अगस्त 2026 को आरोपी संजय कुमार मरकाम को दोषसिद्ध पाया। न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास एवं अन्य दंड से दंडित किया।

इस मामले की विवेचना थाना दुगली के सहायक उप निरीक्षक प्रकाश नाग ने की थी। पुलिस के अनुसार प्रकाश नाग ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों का व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संकलन किया और विवेचना को विधिसम्मत तरीके से पूरा कर समय पर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। उनकी विवेचना को आरोपी को दोषसिद्ध कराने में महत्वपूर्ण माना गया है।

पुलिस अधीक्षक धमतरी भावना पांडेय ने मामले में उत्कृष्ट एवं प्रभावी विवेचना के लिए सहायक उप निरीक्षक प्रकाश नाग की सराहना की है। उन्होंने विवेचक को पुरस्कृत करने की घोषणा भी की है।

धमतरी पुलिस के अनुसार गंभीर एवं जघन्य अपराधों में गुणवत्तापूर्ण विवेचना, साक्ष्यों के वैज्ञानिक एवं विधिसम्मत संकलन तथा प्रभावी अभियोजन के माध्यम से दोषियों को न्यायालय से कठोर सजा दिलाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। इस मामले में भी पुलिस की विवेचना और अभियोजन की प्रभावी कार्रवाई के परिणामस्वरूप आरोपी को न्यायालय से आजीवन कारावास की सजा मिली है।