जयस्तंभ चौक पर बिना अनुमति तोरण और अवैध गेट लगाने पर महापौर सख्त, जोन-4 अधिकारियों को फटकार

रायपुर के जयस्तंभ चौक पर बिना अनुमति तोरण और मुख्य मार्ग पर बड़ा गेट लगाए जाने के मामले में महापौर मीनल चौबे ने सख्ती दिखाई। उन्होंने जोन-4 के संबंधित अधिकारियों को नगर निगम मुख्यालय तलब कर फटकार लगाई और मामले की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से तोरण और गेट लगाने वाले व्यक्ति या संस्था की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया है।

Aug 29, 2026 - 09:39
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जयस्तंभ चौक पर बिना अनुमति तोरण और अवैध गेट लगाने पर महापौर सख्त, जोन-4 अधिकारियों को फटकार

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर के प्रमुख सार्वजनिक स्थल जयस्तंभ चौक पर बिना अनुमति तोरण लगाए जाने और मुख्य मार्ग पर बड़ा गेट खड़ा किए जाने के मामले को नगर निगम ने गंभीरता से लिया है। मामले की जानकारी सामने आने के बाद महापौर मीनल चौबे ने जोन-4 के संबंधित अधिकारियों को नगर निगम मुख्यालय तलब किया और पूरे प्रकरण को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। महापौर ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए मामले में जिम्मेदारी तय करने और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

महापौर ने अधिकारियों से सवाल किया कि जब नगर निगम से तोरण और गेट लगाने के लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी, तो सार्वजनिक स्थल और मुख्य मार्ग पर यह संरचना कैसे स्थापित की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर में नियम सभी के लिए समान हैं और किसी व्यक्ति, संस्था या आयोजनकर्ता को बिना अनुमति सार्वजनिक स्थान का उपयोग करने की छूट नहीं दी जा सकती।

जयस्तंभ चौक राजधानी रायपुर का प्रमुख और व्यस्त सार्वजनिक स्थल है। ऐसे स्थान पर मुख्य मार्ग पर बड़ा गेट लगाए जाने को महापौर ने यातायात व्यवस्था, आम नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मार्गों पर किसी भी तरह की अस्थायी संरचना लगाने से पहले निर्धारित प्रक्रिया और अनुमति का पालन किया जाना जरूरी है।

महापौर ने जोन-4 के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच कर तत्काल यह पता लगाया जाए कि जयस्तंभ चौक पर तोरण और गेट किस व्यक्ति, संस्था अथवा आयोजनकर्ता द्वारा लगाया गया है। संबंधित की पहचान होने के बाद नगर निगम के नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

महापौर ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थान किसी व्यक्ति या संस्था की निजी संपत्ति नहीं हैं। किसी आयोजन के नाम पर सार्वजनिक मार्ग को बाधित करना अथवा यातायात व्यवस्था प्रभावित करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर में आयोजन और अन्य गतिविधियों के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

महापौर ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि केवल मौजूदा मामले में कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाए। उन्होंने जोन अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण करने और प्रमुख चौक-चौराहों तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखने को कहा।

उन्होंने बिना अनुमति लगाई जाने वाली किसी भी अस्थायी संरचना के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। महापौर ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के साथ सख्ती बरती जाएगी और नियमों का पालन कराने में लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की भी जवाबदेही तय होगी।

नगर निगम की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर यातायात व्यवस्था और नागरिकों की सुविधा को प्रभावित करने वाली गतिविधियों को लेकर प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। आने वाले समय में प्रमुख मार्गों और चौक-चौराहों पर बिना अनुमति लगाए जाने वाले तोरण, गेट अथवा अन्य अस्थायी निर्माण पर निगरानी और कार्रवाई बढ़ाई जा सकती है।