मरवाही में भालू का आतंक, अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों पर हमला; एक बच्चे ने गड्ढे में कूदकर बचाई जान

मरवाही क्षेत्र में 26 अगस्त को भालू के हमले की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आईं। पहली घटना में लालजी जंगल की ओर मवेशी चराने गए थे, जहां अचानक भालू ने उन पर हमला कर दिया। वहीं शाम को खेत से लौट रहे मनोज और उनकी पत्नी सीतल पर भी भालू ने हमला किया। उनके पुत्र साजन ने बचने के लिए गड्ढे में छलांग लगा दी, जिससे उसे अंदरूनी चोटें आईं। घटना के बाद ग्रामीणों से जंगल की ओर जाते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।

Aug 27, 2026 - 12:29
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मरवाही में भालू का आतंक, अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों पर हमला; एक बच्चे ने गड्ढे में कूदकर बचाई जान

UNITED NEWS OF ASIA. मरवाही क्षेत्र में 26 अगस्त को भालू के हमले की दो अलग-अलग घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार, एक ही दिन में भालू ने अलग-अलग स्थानों पर ग्रामीणों को अपना निशाना बनाया। इन घटनाओं के बाद जंगल और खेतों की ओर जाने वाले लोगों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों से विशेष रूप से सुबह और शाम के समय जंगल की ओर अकेले जाने से बचने की अपील की जा रही है।

पहली घटना दोपहर करीब 2 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक लालजी, पिता सुकलाल, उम्र करीब 35 वर्ष, अपने गाय-बैलों को चराने के लिए जंगल की ओर गए थे। इसी दौरान उनका अचानक भालू से सामना हो गया। इससे पहले कि वह संभल पाते, भालू ने उन पर हमला कर दिया। हमले के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच भय की स्थिति बन गई।

इसी दिन शाम करीब 4:30 बजे दूसरी घटना सामने आई। बताया गया कि मनोज अपनी पत्नी सीतल और पुत्र साजन के साथ खेत में काम करने के लिए बैल लेकर गए थे। खेत में काम पूरा करने के बाद तीनों वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में अचानक उनका सामना भालू से हो गया। भालू ने मनोज और उनकी पत्नी सीतल पर हमला कर दिया।

अचानक हुए इस हमले से परिवार में अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान मनोज के पुत्र साजन ने अपनी जान बचाने के लिए गड्ढे में छलांग लगा दी। इस दौरान उसे अंदरूनी चोटें आने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद आसपास के लोगों को भालू की मौजूदगी को लेकर सतर्क किया गया।

एक ही दिन में सामने आई इन घटनाओं के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में वन क्षेत्र और उसके आसपास जाने को लेकर डर बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल और खेतों के आसपास जंगली जानवरों की गतिविधियों को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। विशेषकर ऐसे समय में जब भालू की मौजूदगी की जानकारी सामने आई हो, लोगों को अकेले जंगल की ओर जाने से बचना चाहिए।

स्थानीय स्तर पर लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे सुबह और शाम के समय जंगल की ओर जाने से बचें। यदि किसी जरूरी काम से जंगल या उसके आसपास जाना हो तो अकेले जाने के बजाय समूह में जाना और आसपास के वातावरण के प्रति सतर्क रहना बेहतर है। भालू दिखाई देने की स्थिति में उसे परेशान करने या उसके करीब जाने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी है।

मरवाही क्षेत्र में हुई इन घटनाओं ने एक बार फिर इंसानों और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संपर्क को लेकर सावधानी की जरूरत को सामने रखा है। ग्रामीणों से अपील है कि वे किसी भी जंगली जानवर की मौजूदगी की सूचना संबंधित वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को दें और स्वयं जोखिम उठाने से बचें।