खड़गवां पुलिस ने चलाया साइबर जागरूकता अभियान, ऑनलाइन ठगी से बचने के बताए जरूरी उपाय

एमसीबी जिले के खड़गवां में पुलिस ने सेंट्रल बैंक के पास साइबर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को ऑनलाइन ठगी और धोखाधड़ी से बचाव के उपाय बताए। पुलिस ने नागरिकों से OTP, पासवर्ड, ATM और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करने तथा संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने की अपील की।

Aug 27, 2026 - 11:50
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खड़गवां पुलिस ने चलाया साइबर जागरूकता अभियान, ऑनलाइन ठगी से बचने के बताए जरूरी उपाय

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए खड़गवां पुलिस ने सेंट्रल बैंक के पास साइबर जागरूकता अभियान चलाया। अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने बैंक आने-जाने वाले लोगों सहित आसपास मौजूद नागरिकों को साइबर अपराध से बचाव के लिए जरूरी सावधानियों की जानकारी दी। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी अनजान व्यक्ति पर बिना पुष्टि के भरोसा नहीं करने की अपील की।

पुलिस ने नागरिकों को समझाया कि वर्तमान समय में साइबर ठग अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों से बैंक खाते, आधार कार्ड, एटीएम, ओटीपी, पासवर्ड और अन्य व्यक्तिगत जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं। ऐसी स्थिति में किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। पुलिस ने कहा कि साइबर अपराध से बचाव में जागरूकता और सतर्कता सबसे महत्वपूर्ण हथियार हैं।

अभियान के दौरान पुलिस ने विशेष रूप से बैंकिंग फ्रॉड को लेकर लोगों को सावधान किया। पुलिस ने बताया कि यदि किसी अनजान नंबर से फोन आता है और सामने वाला खुद को बैंक अधिकारी, पुलिसकर्मी, वकील, डॉक्टर या किसी अन्य विभाग का कर्मचारी बताकर बैंक खाते अथवा आधार कार्ड से जुड़ी जानकारी मांगता है, तो ऐसी जानकारी बिल्कुल साझा नहीं करनी चाहिए। किसी भी परिस्थिति में ओटीपी, पासवर्ड, एटीएम संबंधी जानकारी या अन्य गोपनीय बैंकिंग विवरण किसी व्यक्ति को नहीं बताना चाहिए।

मोबाइल फोन पर आने वाले संदिग्ध मैसेज और अनजान लिंक को लेकर भी पुलिस ने लोगों को जागरूक किया। पुलिस ने बताया कि अनजान नंबर से प्राप्त किसी भी लिंक पर बिना जांच किए क्लिक करने से बचना चाहिए। कई मामलों में साइबर ठग संदिग्ध लिंक के जरिए लोगों को धोखाधड़ी का शिकार बनाने का प्रयास करते हैं। इसलिए किसी भी लिंक को खोलने से पहले उसके स्रोत और विश्वसनीयता की पुष्टि करना जरूरी है।

पुलिस ने फर्जी कॉल से होने वाली ठगी को लेकर भी नागरिकों को सतर्क किया। यदि कोई व्यक्ति पुलिस, बैंक, डॉक्टर, वकील या किसी प्रतिष्ठित संस्था का नाम लेकर फोन करे और किसी समस्या का समाधान करने के नाम पर पैसे की मांग करे, तो तुरंत विश्वास नहीं करना चाहिए। ऐसे मामलों में पैसे ट्रांसफर करने के बजाय संबंधित संस्था या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क कर जानकारी की पुष्टि करने की सलाह दी गई।

खड़गवां पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज, लिंक या ऑनलाइन लेन-देन को लेकर संदेह होने पर जल्दबाजी में कोई कदम न उठाएं और तत्काल पुलिस को सूचना दें। अभियान के दौरान सैकड़ों लोगों को साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों और उनसे बचने के उपायों की जानकारी दी गई।

पुलिस ने लोगों से यह भी अपील की कि वे स्वयं साइबर अपराध के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी ऑनलाइन ठगी के खतरों के बारे में जानकारी दें। पुलिस का कहना है कि सामूहिक जागरूकता और सतर्कता के जरिए साइबर अपराध के मामलों को काफी हद तक रोकने में मदद मिल सकती है।