हाई बीम पर बजेगा अलार्म, हेडलाइट्स के नए नियमों की तैयारी में सरकार; अप्रैल 2027 से लागू हो सकते हैं बदलाव

रात में हाई बीम के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने के लिए केंद्र सरकार हेडलाइट्स से जुड़े नियमों में बदलाव की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित नियमों के तहत 60 किलोमीटर प्रति घंटे से कम की रफ्तार पर हाई बीम इस्तेमाल करने पर वाहन में अलार्म बज सकता है। दोपहिया वाहनों में लो-बीम आधारित ऑटोमैटिक हेडलैंप सिस्टम, हेडलाइट की अधिकतम तीव्रता और कलर टेम्परेचर को लेकर भी नए मानक प्रस्तावित हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माने और गंभीर मामलों में लाइसेंस निलंबन का प्रावधान हो सकता है।

Aug 27, 2026 - 10:49
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हाई बीम पर बजेगा अलार्म, हेडलाइट्स के नए नियमों की तैयारी में सरकार; अप्रैल 2027 से लागू हो सकते हैं बदलाव

UNITED NEWS OF ASIA. रात के समय वाहनों की तेज हेडलाइट से होने वाले ग्लेयर और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए केंद्र सरकार हेडलाइट्स से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय यानी MoRTH ने इस संबंध में प्रस्तावित ड्राफ्ट तैयार किया है। इसमें वाहनों की हेडलाइट की ब्राइटनेस, कलर टेम्परेचर और हाई बीम के इस्तेमाल को लेकर नए मानक तय करने का प्रस्ताव है। मंत्रालय ने प्रस्ताव पर आम जनता और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। प्रस्ताव आगे बढ़ने पर नए नियम अप्रैल 2027 से लागू किए जा सकते हैं।

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 60 किलोमीटर प्रति घंटे से कम की गति पर हाई बीम का इस्तेमाल करने पर वाहन में अलार्म बजने की व्यवस्था की जा सकती है। इसका उद्देश्य चालकों को अनावश्यक रूप से हाई बीम का इस्तेमाल करने से रोकना है। यह चेतावनी प्रणाली सीटबेल्ट या निर्धारित गति सीमा से जुड़े अलर्ट की तरह काम कर सकती है। हालांकि 60 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार पर यह अलार्म सक्रिय नहीं होगा, जिससे राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे जैसे स्थानों पर तेज गति से चलने वाले वाहनों को अलग व्यवस्था मिलेगी।

दोपहिया वाहनों के ऑटोमैटिक हेडलैंप ऑन यानी AHO सिस्टम में भी बदलाव प्रस्तावित है। नए नियम लागू होने के बाद नए दोपहिया वाहनों में इंजन स्टार्ट होते ही हेडलाइट लो-बीम मोड में ऑन रखने का प्रस्ताव है। चालक जरूरत के अनुसार इसे मैन्युअली हाई बीम पर कर सकेगा। यह बदलाव केवल नए वाहनों के लिए लागू किया जाएगा और पुराने वाहनों के मौजूदा सिस्टम में बदलाव अनिवार्य नहीं होगा।

हेडलाइट की रोशनी की तीव्रता को नियंत्रित करने के लिए कैंडेला की सीमा में बदलाव का भी प्रस्ताव है। दोपहिया वाहनों के लिए अधिकतम तीव्रता को 1.5 लाख कैंडेला से घटाकर 1 लाख कैंडेला और चार पहिया वाहनों के लिए 2.25 लाख कैंडेला से घटाकर 1.5 लाख कैंडेला करने की सिफारिश की गई है। इसके अलावा अत्यधिक चमकदार नीली-सफेद रोशनी से होने वाले ग्लेयर को कम करने के लिए हेडलाइट का कलर टेम्परेचर अधिकतम 6,500 केल्विन तक सीमित करने का प्रस्ताव है।

भारी वाहनों और बसों की रात तथा खराब मौसम में दृश्यता बढ़ाने के लिए रिफ्लेक्टिव सेफ्टी टेप को अनिवार्य किए जाने का भी प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य कोहरे, बारिश और अंधेरे में अन्य वाहन चालकों को बड़े वाहनों की स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई देना है।

प्रस्तावित नियमों में हाई बीम के गलत इस्तेमाल पर जुर्माने का प्रावधान भी हो सकता है। पहली बार नियम तोड़ने पर 500 रुपए और बार-बार उल्लंघन करने पर 1,500 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। गंभीर मामलों में या हाई बीम के कारण दुर्घटना होने पर ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने जैसी कार्रवाई भी संभव हो सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार हाई बीम का इस्तेमाल केवल ऐसे बेहद अंधेरे और सुनसान रास्तों पर किया जाना चाहिए जहां पर्याप्त स्ट्रीट लाइट या अन्य रोशनी उपलब्ध न हो। सामने से वाहन आने पर हाई बीम बंद कर लो-बीम का इस्तेमाल करना सुरक्षित माना जाता है। शहरों, घनी आबादी वाले इलाकों और कोहरे या भारी बारिश के दौरान हाई बीम से बचना जरूरी है, क्योंकि तेज रोशनी सामने वाले चालक की दृश्यता प्रभावित कर सकती है।

सरकार के प्रस्तावित बदलावों का अंतिम स्वरूप जनता और वाहन उद्योग से मिले सुझावों के बाद तय होगा। नियमों को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही इनके लागू होने की तारीख और सभी प्रावधान स्पष्ट होंगे।