MPSC Paper Leak: प्रेमिका को ड्रग इंस्पेक्टर बनाने के लिए लीक कराया पेपर, धोखा मिला तो प्रेमी ने खोला घोटाले का राज; 6 गिरफ्तार

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा के पेपर लीक मामले में कथित तौर पर प्यार, धोखे और बदले से जुड़ी कहानी सामने आई है। आरोप है कि गौरव नामक युवक ने अपनी प्रेमिका ऋतुजा को परीक्षा में सफलता दिलाने के लिए लीक हुआ प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था। ऋतुजा ने परीक्षा में महाराष्ट्र में सातवीं रैंक हासिल की, लेकिन बाद में शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद गौरव ने कथित पेपर लीक की जानकारी MPSC को भेजी। जांच के बाद MPSC अधिकारी समेत छह लोगों की गिरफ्तारी की गई है।

Aug 27, 2026 - 10:35
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MPSC Paper Leak: प्रेमिका को ड्रग इंस्पेक्टर बनाने के लिए लीक कराया पेपर, धोखा मिला तो प्रेमी ने खोला घोटाले का राज; 6 गिरफ्तार

UNITED NEWS OF ASIA. महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग यानी MPSC की ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा के पेपर लीक मामले में जांच के दौरान चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पूरे मामले में कथित तौर पर प्रेम संबंध, धोखा और उसके बाद पेपर लीक की जानकारी उजागर करने की कहानी सामने आई है। आरोप है कि गौरव नामक युवक ने अपनी प्रेमिका ऋतुजा को ड्रग इंस्पेक्टर बनाने के लिए परीक्षा से पहले लीक हुआ प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था। बाद में ऋतुजा के परीक्षा में सफल होने और शादी से इनकार करने के बाद गौरव ने कथित पेपर लीक की जानकारी सामने ला दी। मामले में अब MPSC के एक अधिकारी समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

जानकारी के अनुसार 22 मार्च 2026 को ड्रग इंस्पेक्टर पद के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। आरोप है कि परीक्षा से करीब दो दिन पहले गौरव के पास प्रश्नपत्र पहुंचा था। गौरव ने कथित तौर पर यह प्रश्नपत्र अपनी प्रेमिका ऋतुजा को दिया, ताकि वह परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सके। बताया जा रहा है कि गौरव का भाई भी इसी परीक्षा में शामिल होने वाला था, लेकिन उसने अपने भाई के बजाय प्रेमिका को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया।

लीक हुए प्रश्नपत्र के आधार पर ऋतुजा ने परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया और महाराष्ट्र में सातवीं रैंक हासिल की। इसके बाद उसे ड्रग इंस्पेक्टर पद के लिए सफलता मिली। हालांकि, आरोपों के मुताबिक अधिकारी बनने के बाद ऋतुजा ने गौरव से शादी करने से इनकार कर दिया और दोनों के बीच संबंध खत्म हो गए। इसके बाद गौरव ने MPSC को एक गोपनीय ईमेल भेजकर कथित पेपर लीक की जानकारी दी।

शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू हुई। जांच आगे बढ़ने पर कथित तौर पर पेपर लीक का नेटवर्क सामने आया। जांच एजेंसियों के अनुसार MPSC के समन्वय अधिकारी विश्वेश्वर नकाते ने आयोग के कार्यालय की पार्किंग में प्रश्नपत्र की फोटोकॉपी लेंडवे नामक व्यक्ति को सौंपी थी। इसके बाद प्रश्नपत्र नंदुरबार के मराठे और कौटिल्य अकादमी के संचालक प्रवीण पाटील तक पहुंचा। आगे अमृत पाटील के माध्यम से कथित तौर पर प्रश्नपत्र गौरव तक पहुंचा। प्राथमिक जांच में इस पूरी प्रक्रिया में करीब चार लाख रुपए के लेनदेन की बात सामने आने की जानकारी दी गई है।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि लीक हुआ प्रश्नपत्र केवल एक अभ्यर्थी तक पहुंचा था या इसे अन्य परीक्षार्थियों को भी उपलब्ध कराया गया था। यदि प्रश्नपत्र कई अभ्यर्थियों तक पहुंचने की पुष्टि होती है, तो परीक्षा की निष्पक्षता और भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं।

इस मामले में मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच की कार्रवाई के बाद कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। गिरफ्तार आरोपियों में MPSC से जुड़े अधिकारी, कोचिंग संस्थान से जुड़े लोग, एक स्कूल के मुख्याध्यापक और गौरव समेत अन्य आरोपी शामिल बताए गए हैं। पुलिस अब पेपर लीक की पूरी श्रृंखला, पैसों के लेनदेन और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

मामले की जांच जारी है और पुलिस द्वारा जुटाए जा रहे साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस पूरे प्रकरण ने प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।