UNITED NEWS OF ASIA. पराठे भारतीय घरों में नाश्ते और खाने का एक लोकप्रिय हिस्सा हैं। आलू, गोभी, पनीर या सादे पराठे हों, इन्हें बनाना काफी आसान लगता है, लेकिन कई बार इन्हें सेंकते समय किचन में अचानक धुआं भरने लगता है। स्थिति ऐसी हो जाती है कि धुआं किचन से निकलकर घर के दूसरे हिस्सों तक पहुंच जाता है। इससे सांस लेने में असहजता हो सकती है और दीवारों, पर्दों तथा फर्नीचर पर तेल और चिकनाई जमने लगती है। अक्सर इसके पीछे गैस चूल्हे की खराबी नहीं, बल्कि खाना पकाने के तरीके से जुड़ी कुछ सामान्य गलतियां होती हैं।
सबसे पहली गलती पराठा जल्दी बनाने के लिए बहुत तेज आंच का इस्तेमाल करना है। तेज आंच पर तवा जरूरत से ज्यादा गर्म हो सकता है और तेल या घी से धुआं निकलने लगता है। इसके अलावा पराठे की बाहरी सतह भी जल्दी जल सकती है। इसलिए पराठा सेंकते समय मध्यम आंच रखना बेहतर होता है। जरूरत के अनुसार आंच को थोड़ा कम या ज्यादा किया जा सकता है, लेकिन लगातार तेज आंच पर खाना पकाने से बचना चाहिए।
दूसरी बड़ी गलती तवे पर जरूरत से ज्यादा तेल या घी डालना है। पराठे को स्वादिष्ट और कुरकुरा बनाने के लिए तेल या घी का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसकी मात्रा अधिक होने पर गर्म तवे से धुआं निकल सकता है। इसलिए आवश्यकता के अनुसार ही तेल या घी का इस्तेमाल करें। साथ ही तवे को लंबे समय तक खाली गर्म करने से भी बचना चाहिए।
बहुत ज्यादा गर्म तवे पर पराठा डालना भी धुआं बढ़ा सकता है। यदि तवा अत्यधिक गर्म है तो आटा और उसमें मौजूद तेल तेजी से जलने लगते हैं। इससे जले हुए कण और धुआं पैदा हो सकता है। तवा पर्याप्त गर्म होना चाहिए, लेकिन इतना नहीं कि पराठा रखते ही उसकी सतह जलने लगे।
किचन में चिमनी या एग्जॉस्ट फैन लगा है तो पराठे बनाते समय उसे चालू रखना भी जरूरी है। इससे खाना पकाने के दौरान बनने वाला धुआं और वाष्प बाहर निकलने में मदद मिलती है। खिड़की या दरवाजा खोलकर हवा का प्रवाह बनाए रखना भी उपयोगी हो सकता है।
इसके अलावा गंदे तवे पर लगातार पराठे बनाते रहना भी सही नहीं है। पिछले पराठों से चिपके आटे, जले हुए तेल या घी के कण दोबारा गर्म होकर धुआं पैदा कर सकते हैं। इसलिए तवे पर जले हुए अवशेष दिखाई दें तो उन्हें साफ कर लेना चाहिए। गैस बर्नर के आसपास गिरे आटे और तेल की भी नियमित सफाई करनी चाहिए।
इन आसान सावधानियों को अपनाकर पराठे बनाते समय निकलने वाले धुएं को काफी हद तक कम किया जा सकता है। सही तापमान, सीमित तेल, साफ तवा और पर्याप्त वेंटिलेशन किचन को ज्यादा साफ और आरामदायक रखने में मदद करते हैं।