रायपुर में ‘बॉटल्स फॉर चेंज’ पहल की शुरुआत, 6 प्लास्टिक बैंक होंगे स्थापित
रायपुर नगर निगम ने प्लास्टिक कचरे के स्रोत स्तर पर पृथक्करण और वैज्ञानिक पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने के लिए ‘बॉटल्स फॉर चेंज’ पहल शुरू की है। महापौर मीनल चौबे ने इसका शुभारंभ किया। पहल के तहत शहर के 6 प्रमुख स्थानों पर प्लास्टिक बैंक स्थापित किए जाएंगे। एकत्रित प्लास्टिक की करीब 46 हजार बोतलों के पुनर्चक्रण से एक बेंच तैयार कर नगर निगम को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर नगर पालिक निगम ने प्लास्टिक कचरे के स्रोत स्तर पर पृथक्करण और वैज्ञानिक पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने की दिशा में ‘बॉटल्स फॉर चेंज’ पहल की शुरुआत की है। इस पहल का शुभारंभ महापौर मीनल चौबे ने किया। बिसलेरी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड की कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) पहल के तहत शुरू किए गए इस अभियान में यंग इंडियंस और सीआईआई रायपुर चैप्टर का सहयोग भी रहेगा।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को प्लास्टिक कचरे को सामान्य कचरे से अलग रखने और उसे स्रोत स्तर पर ही पृथक करने के लिए जागरूक करना है। एकत्रित प्लास्टिक को निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से वैज्ञानिक पुनर्चक्रण के लिए भेजा जाएगा। इससे प्लास्टिक कचरे को लैंडफिल में जाने से रोकने और उसके बेहतर उपयोग को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
‘बॉटल्स फॉर चेंज’ पहल के तहत रायपुर शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर 6 प्लास्टिक बैंक स्थापित किए जाएंगे। ये प्लास्टिक बैंक नगर निगम मुख्यालय, आजाद चौक, बूढ़ा तालाब स्थित शीतला मंदिर के पास, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के बाहर यूनिवर्सिटी गेट के आगे, अनुपम गार्डन और महादेव घाट में स्थापित किए जाएंगे।
इन प्लास्टिक बैंकों के माध्यम से नागरिक अपने उपयोग के बाद प्लास्टिक की बोतलों और अन्य निर्धारित प्लास्टिक कचरे को अलग से जमा कर सकेंगे। इसके बाद एकत्रित सामग्री को पुनर्चक्रण के लिए उचित चैनल के माध्यम से भेजा जाएगा। पहल के जरिए लोगों को यह समझाने का प्रयास किया जाएगा कि प्लास्टिक कचरे को अन्य घरेलू और सार्वजनिक कचरे के साथ मिलाने के बजाय अलग रखना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इस पहल के अंतर्गत बिसलेरी द्वारा एकत्रित लगभग 46 हजार प्लास्टिक बोतलों के पुनर्चक्रण से एक बेंच तैयार की जाएगी। यह बेंच नगर निगम को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इस गतिविधि के माध्यम से प्लास्टिक पुनर्चक्रण की उपयोगिता को व्यावहारिक रूप से प्रदर्शित करने के साथ नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया जाएगा।
अगले चरण में इस अभियान का विस्तार आवासीय कॉलोनियों, शैक्षणिक संस्थानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य थोक कचरा उत्पादकों तक किया जाएगा। इन स्थानों से प्लास्टिक कचरे का संग्रहण कर उसे उचित माध्यम से पुनर्चक्रण के लिए भेजने की व्यवस्था की जाएगी। विभिन्न हितधारकों के सहयोग और समन्वय से नियमित प्लास्टिक कचरा संग्रहण अभियान भी आयोजित किए जाएंगे।
महापौर मीनल चौबे ने कहा कि प्लास्टिक कचरे का प्रभावी प्रबंधन केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की सहभागिता जरूरी है। ‘बॉटल्स फॉर चेंज’ जैसी पहल नागरिकों को प्लास्टिक कचरे को सामान्य कचरे से अलग करने और पुनर्चक्रण के लिए उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित करेगी। इससे लैंडफिल में जाने वाले कचरे की मात्रा कम करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे प्लास्टिक कचरे को अन्य कचरे से अलग रखें और निर्धारित प्लास्टिक बैंक अथवा संग्रहण व्यवस्था के माध्यम से उसे पुनर्चक्रण के लिए उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि इस सीएसआर पहल से रायपुर को स्वच्छ, जागरूक और पर्यावरण-अनुकूल शहर बनाने की दिशा में जनभागीदारी को और मजबूत किया जाएगा।
कार्यक्रम में अपर आयुक्त विनोद पाण्डे, स्वच्छ भारत मिशन के कार्यपालन अभियंता योगेश कडु, उप अभियंता कृष्णा राठी, संस्कार शर्मा, एसडब्ल्यूएम विशेषज्ञ प्रमीत चोपड़ा सहित नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहे। बिसलेरी की सीएसआर टीम से बाला साईदाबाबू और संतोष कुमार साहू तथा यंग इंडियंस, सीआईआई रायपुर चैप्टर से अदिति, शाहिद और दीपेन भी उपस्थित रहे।