कंपनी के अनुसार बारिश के दौरान बिजली के तार टूटने, खंभों के क्षतिग्रस्त होने या विद्युत उपकरणों में खराबी के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। आंधी-तूफान के दौरान यदि बिजली के खंभे या तार टूटे हुए दिखाई दें तो नागरिक स्वयं उन्हें हटाने या ठीक करने का प्रयास न करें। इसकी सूचना तत्काल टोल फ्री नंबर 1912, मोर बिजली एप या नजदीकी वितरण केंद्र अथवा जोन कार्यालय में देने की सलाह दी गई है।
बिजली कंपनी ने कहा है कि बारिश के दौरान टूटे हुए तार या विद्युत उपकरण के आसपास पानी में करंट फैलने की संभावना हो सकती है। ऐसे स्थानों पर पानी में जाने या तैरने से बचना चाहिए। बिजली के उपकरणों का उपयोग करते समय पैर सूखे रखने और रबर या प्लास्टिक के जूते पहनने की सलाह दी गई है।
एडवाइजरी में खेतों और बाड़ियों में कंटीले तारों या किसी अन्य बाड़ में विद्युत प्रवाहित नहीं करने को कहा गया है। बिजली की लाइनों, ट्रांसफार्मर या अन्य उपकरणों में खराबी आने पर अनधिकृत रूप से मरम्मत नहीं करनी चाहिए। बिजली लाइनों के नीचे या उनके आसपास स्थायी अथवा अस्थायी निर्माण से भी बचने की सलाह दी गई है।
यदि बिजली का तार जमीन पर गिरा हुआ दिखाई दे तो उससे दूरी बनाए रखने और तत्काल संबंधित लाइन कर्मचारी या कनिष्ठ अभियंता को सूचना देने को कहा गया है। नदी, नाले, तालाब या अन्य जलस्रोत में बिजली का तार गिरा हो तो पानी में प्रवेश नहीं करने और पर्याप्त दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। बिजली की लाइनों से सीधे हुकिंग कर अनधिकृत बिजली उपयोग नहीं करने तथा कपड़े सुखाने के लिए बिजली के खंभों या स्टे तार का इस्तेमाल नहीं करने की भी सलाह दी गई है।
कंपनी ने बच्चों को बिजली के उपकरणों और विद्युत लाइनों के आसपास नहीं खेलने देने की अपील की है। अस्थायी कनेक्शन में कटे-फटे तारों का इस्तेमाल नहीं करने और पर्याप्त ऊंचाई बनाए रखने के लिए उचित व्यवस्था करने को कहा गया है।
यदि कोई व्यक्ति बिजली के तार के संपर्क में आ जाए तो सबसे पहले स्विच के माध्यम से विद्युत प्रवाह बंद करने की कोशिश करनी चाहिए। यदि ऐसा संभव न हो तो सूखी लकड़ी, सूखी रस्सी या सूखे कपड़े की मदद से व्यक्ति को तार से अलग किया जा सकता है। इस दौरान सहायता करने वाला व्यक्ति स्वयं तार के संपर्क में न आए। इसके बाद प्रभावित व्यक्ति को सुरक्षित सूखी जगह पर ले जाकर तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने की सलाह दी गई है।
दुर्ग क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक शिरीष सेलट ने उपभोक्ताओं से बिजली कर्मचारियों के सुरक्षा एवं सुधार कार्यों में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंधी, बारिश और अंधेरे के बीच फॉल्ट तलाशने में समय लग सकता है। बिजली आपूर्ति बाधित होने पर उपभोक्ता कुछ समय प्रतीक्षा कर 1912 पर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि विद्युत लाइनों में थोड़ी सी असावधानी भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए नागरिकों की सतर्कता और सहयोग जरूरी है।