नहर की सफाई से नवापारा के अंतिम छोर तक पहुंचा पानी, किसानों ने जताया आभार

सेवा संकल्प अभियान के तहत सहसपुर लोहारा के ग्राम नवापारा में जल संसाधन विभाग ने किसान बैठक एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। किसानों ने बताया कि लोहारा जलाशय की मिट्टी से बनी नहर की विशेष सफाई के बाद पानी अंतिम छोर तक पहुंचा। किसानों ने नहर पक्कीकरण का प्रस्ताव रखा, जबकि अधिकारियों ने जल संरक्षण और भूमिगत जल स्तर बनाए रखने की जरूरत पर चर्चा की।

Sep 27, 2026 - 17:02
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नहर की सफाई से नवापारा के अंतिम छोर तक पहुंचा पानी, किसानों ने जताया आभार

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l सेवा संकल्प अभियान के तहत जल संसाधन विभाग द्वारा सहसपुर लोहारा क्षेत्र के ग्राम नवापारा में किसान बैठक एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। बैठक में किसानों से सिंचाई व्यवस्था, नहर के रखरखाव और जल संरक्षण से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में जल संसाधन उपसंभाग क्रमांक-3, सहसपुर लोहारा के अनुभागीय अधिकारी राहुल पंत और उप अभियंता ओम प्रकाश कुलमित्र मौजूद रहे।

बैठक के दौरान किसानों ने बताया कि इस वर्ष लोहारा जलाशय की मिट्टी से निर्मित नहर की विशेष साफ-सफाई कराई गई। सफाई के बाद नहर में पानी का प्रवाह बेहतर हुआ और पानी नवापारा के तालाब तक अंतिम छोर में पहुंच सका। किसानों ने इसे सिंचाई व्यवस्था के लिहाज से उपयोगी बताते हुए जल संसाधन विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।

किसानों ने बैठक में भविष्य में नहर में पानी का प्रवाह और अधिक सुचारू बनाए रखने तथा सिंचाई सुविधा को बेहतर करने के लिए नहर के पक्कीकरण का प्रस्ताव रखा। किसानों का कहना था कि नहर के पक्कीकरण से पानी के प्रवाह को व्यवस्थित रखने और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। विभागीय अधिकारियों ने किसानों द्वारा रखे गए प्रस्ताव को संज्ञान में लेते हुए आवश्यक कार्यवाही के लिए दर्ज किया।

जल संरक्षण और संवर्धन पर जागरूकता

कार्यक्रम के दौरान जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने किसानों को जल संरक्षण और जल संवर्धन के महत्व की जानकारी दी। उपलब्ध जल संसाधनों के समुचित उपयोग, जल स्रोतों के संरक्षण और भविष्य के लिए भूमिगत जल स्तर को बनाए रखने को लेकर चर्चा की गई।

किसानों ने क्षेत्र में संचालित पत्थर खदानों का उल्लेख करते हुए भूमिगत जल स्तर के संरक्षण और जल पुनर्भरण की आवश्यकता की ओर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया। किसानों की बात सुनते हुए अधिकारियों ने इस विषय को दर्ज किया और भूमिगत जल के संरक्षण तथा जल पुनर्भरण को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक पहल पर विचार करने की बात कही।

जल स्रोतों की स्वच्छता पर भी जोर

बैठक में केवल सिंचाई व्यवस्था ही नहीं, बल्कि जल स्रोतों की स्वच्छता को लेकर भी ग्रामीणों को जागरूक किया गया। किसानों और ग्रामीणों से नहर, तालाब तथा अन्य जल स्रोतों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की गई। साथ ही जल स्रोतों में कचरा या अन्य प्रकार की गंदगी नहीं डालने के लिए भी लोगों को प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में किसानों ने जल संसाधनों के संरक्षण, नहरों के बेहतर रखरखाव और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विभाग के साथ सहयोग करने की प्रतिबद्धता जताई। बैठक के माध्यम से स्थानीय स्तर पर किसानों की समस्याओं और सुझावों को विभाग तक पहुंचाने के साथ जल संरक्षण को लेकर सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।