जानकारी के अनुसार तारागांव निवासी गोपी राम पटेल अपने खेत में बंधे बैल को खोलने के लिए पोरियाबाहार पुल के किनारे गए थे। इसी दौरान अचानक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और पानी का बहाव तेज होने के कारण वे बीच धार में फंस गए। स्थिति गंभीर होने पर ग्रामीण ने सूझबूझ का परिचय देते हुए एक आम के पेड़ को पकड़ लिया और मदद पहुंचने तक उसी के सहारे अपनी जान बचाए रखी।
घटना की जानकारी मिलते ही वन मंत्री केदार कश्यप ने तत्काल रेस्क्यू के निर्देश दिए। कलेक्टर नम्रता जैन के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन, नगर सेना की बाढ़ बचाव टीम और थाना धौड़ाई पुलिस को मौके पर भेजा गया। एसडीओपी छोटेडोंगर मनोज मंडावी और जिला सेनानी नगर सेना मनोहर लाल चौहान के मार्गदर्शन में बचाव दल ने कार्रवाई शुरू की। थाना प्रभारी धौड़ाई पीयूष कटियार के नेतृत्व में पुलिस जवानों और बचाव दल के सदस्यों ने तेज बहाव के बीच सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाया।
बचाव दल ने आवश्यक सुरक्षा उपायों के साथ ग्रामीण तक पहुंच बनाई और उन्हें सुरक्षित रूप से बाढ़ प्रभावित स्थान से बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद गोपी राम पटेल को तत्काल धौड़ाई स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनकी जांच की। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उनकी स्थिति सामान्य बताई गई। उन्हें भोजन उपलब्ध कराने के बाद परिजनों के पास भेजने की प्रक्रिया की गई।
इस घटना में जिला प्रशासन, नगर सेना और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने समय पर राहत और बचाव व्यवस्था की भूमिका को सामने रखा। प्रशासन की ओर से लोगों से लगातार अपील की जा रही है कि बारिश और बाढ़ की स्थिति में नदी, नाले, पुल-पुलिया और तेज बहाव वाले क्षेत्रों के नजदीक जाने से बचें। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में किसी भी तरह का जोखिम न लेते हुए तत्काल स्थानीय प्रशासन या संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।