बलरामपुर में ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर कांग्रेस का 28 सितंबर को प्रदर्शन, कलेक्टर कार्यालय तक निकलेगी रैली

बलरामपुर जिला मुख्यालय में कांग्रेस 28 सितंबर को मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करेगी। पार्टी के अनुसार कार्यकर्ता सत्यम होटल के पास एकत्र होकर रैली के रूप में कलेक्टर कार्यालय पहुंचेंगे। कांग्रेस ने प्रदर्शन के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले दहन की भी घोषणा की है। यह कार्यक्रम कांग्रेस के देशभर में घोषित 28 सितंबर के जिला-स्तरीय विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा है।

Sep 27, 2026 - 17:56
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बलरामपुर में ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर कांग्रेस का 28 सितंबर को प्रदर्शन, कलेक्टर कार्यालय तक निकलेगी रैली

UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर l मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर कांग्रेस 28 सितंबर को बलरामपुर जिला मुख्यालय में विरोध प्रदर्शन करने जा रही है। कांग्रेस के अनुसार यह प्रदर्शन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान और छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आयोजित किया जाएगा। पार्टी ने इस कार्यक्रम को ‘वोट चोरी’ के आरोपों के खिलाफ विरोध के रूप में बताया है।

कांग्रेस के मुताबिक सोमवार 28 सितंबर को जिलेभर के पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता बलरामपुर जिला मुख्यालय में सत्यम होटल के पास सुनील गुप्ता के घर के सामने बने शेड में एकत्र होंगे। यहां से कार्यकर्ता मार्च और रैली के रूप में कलेक्टर कार्यालय की ओर रवाना होंगे। रैली के दौरान कांग्रेस की ओर से निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को उठाया जाएगा।

कांग्रेस के अनुसार कलेक्टर कार्यालय पहुंचने के बाद प्रदर्शन किया जाएगा। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले दहन का कार्यक्रम भी घोषित किया है। पुतला दहन के माध्यम से पार्टी अपने राजनीतिक विरोध को दर्ज कराने की बात कह रही है।

28 सितंबर को देशभर में जिला स्तर पर प्रदर्शन

यह प्रदर्शन कांग्रेस द्वारा देशभर में घोषित जिला-स्तरीय विरोध कार्यक्रम के क्रम में हो रहा है। 24 सितंबर को कांग्रेस ने घोषणा की थी कि 28 सितंबर को सभी जिला कांग्रेस कमेटियां अपने-अपने जिला कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च आयोजित करेंगी। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और निर्वाचन प्रक्रिया तथा मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग भी उठाई है।

छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी 28 सितंबर को इसी मुद्दे पर कांग्रेस के विरोध कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। बिलासपुर में कांग्रेस ने कांग्रेस भवन से कलेक्ट्रेट तक मार्च और ज्ञापन देने की घोषणा की है, जबकि रायगढ़ में भी जिला कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च प्रस्तावित है।

जिलेभर से कार्यकर्ताओं के जुटने का दावा

बलरामपुर में प्रस्तावित प्रदर्शन में वरिष्ठ कांग्रेस नेता, जिला और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी तथा कार्यकर्ताओं के शामिल होने की बात पार्टी की ओर से कही गई है। कांग्रेस का कहना है कि प्रदर्शन के जरिए निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता सूची की विश्वसनीयता और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को उठाया जाएगा।

‘वोट चोरी’ शब्द का इस्तेमाल कांग्रेस द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर लगाए जा रहे आरोपों के संदर्भ में किया जा रहा है। इन आरोपों को कांग्रेस का राजनीतिक दावा माना जाना चाहिए; इनके संबंध में संबंधित निर्वाचन प्राधिकरण की ओर से किसी निष्कर्ष को इस रिपोर्ट में तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।

28 सितंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान रैली, कलेक्टर कार्यालय के सामने प्रदर्शन और पुतला दहन प्रमुख गतिविधियां रहेंगी। प्रशासन की ओर से इस विशेष कार्यक्रम के संबंध में अलग से जारी व्यवस्था या प्रतिक्रिया की जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।