टाटा हैरियर कार से 114 किलो गांजा तस्करी नाकाम, महासमुंद पुलिस ने तीन अंतरराज्यीय तस्करों को दबोचा

महासमुंद जिले की कोमाखान पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए टाटा हैरियर कार से उड़ीसा से महाराष्ट्र ले जाई जा रही 114 किलो अवैध गांजा की खेप बरामद की है। पुलिस ने घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और 74.30 लाख रुपये की कुल संपत्ति जब्त की। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

Aug 6, 2026 - 10:38
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टाटा हैरियर कार से 114 किलो गांजा तस्करी नाकाम, महासमुंद पुलिस ने तीन अंतरराज्यीय तस्करों को दबोचा

UNITED NEWS OF ASIA. शिखा दास, महासमुन्द l महासमुंद जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोमाखान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने उड़ीसा से महाराष्ट्र ले जाई जा रही 114 किलो अवैध गांजा की खेप को जब्त करते हुए तीन अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से गांजा के अलावा तस्करी में प्रयुक्त एक टाटा हैरियर कार, तीन मोबाइल फोन और दो लाख रुपये नकद सहित कुल 74 लाख 30 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। यह कार्रवाई एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स के निर्देशों के अनुरूप की गई, जिसका उद्देश्य जिले में मादक पदार्थों की तस्करी, परिवहन और बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।

पुलिस के अनुसार जिले में लगातार संदिग्ध वाहनों की जांच और निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में 5 अगस्त 2026 को थाना कोमाखान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि उड़ीसा से छत्तीसगढ़ की ओर आने वाली एक सफेद रंग की टाटा हैरियर कार, जिसका पंजीयन क्रमांक एमएच-48-बीएच-8222 है, में तीन व्यक्ति बड़ी मात्रा में अवैध गांजा लेकर आ रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई और ग्राम टेमरी स्थित जांच नाका पर विशेष चेकिंग अभियान शुरू किया।

जांच के दौरान मुखबिर द्वारा बताए गए विवरण से मेल खाती टाटा हैरियर कार सामने से आती दिखाई दी। पुलिस ने वाहन चालक को रुकने का संकेत दिया, लेकिन चालक ने वाहन रोकने के बजाय तेज गति से कार भगाने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए वाहन का पीछा शुरू किया और रणनीतिक घेराबंदी करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-353 स्थित कोमाखान चौकड़ी के पास कार को रोक लिया। इसके बाद कार में सवार तीनों व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

पूछताछ में वाहन चालक ने अपनी पहचान नागराज पारधी, निवासी अंबिकानगर, शिरपुर, जिला धुले (महाराष्ट्र) के रूप में बताई। उसके साथ कार में दिनेश माली, निवासी बालाजी कॉलोनी, शिरपुर, जिला धुले (महाराष्ट्र) तथा सतपाल सिंह, निवासी शिरपुर, जिला धुले (महाराष्ट्र) सवार थे। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि कार की पिछली डिक्की में रखे पैकेटों में गांजा है, जिसे वे उड़ीसा के बालीगुड़ा क्षेत्र से लेकर महाराष्ट्र के धुले जिले के नारदाना क्षेत्र तक पहुंचाने जा रहे थे। पुलिस ने वाहन की तलाशी ली तो उसमें कुल 114 किलो अवैध गांजा बरामद हुआ।

बरामद गांजा की अनुमानित बाजार कीमत 57 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा तस्करी में प्रयुक्त टाटा हैरियर कार, जिसकी कीमत लगभग 15 लाख रुपये आंकी गई है, को भी जब्त कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, जिनकी अनुमानित कीमत 30 हजार रुपये है, तथा दो लाख रुपये नकद भी बरामद किए। इस प्रकार कुल 74 लाख 30 हजार रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की गई।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने गांजा की खेप को उड़ीसा से महाराष्ट्र तक पहुंचाने के लिए सुनियोजित तरीके से कार का उपयोग किया था। प्रारंभिक जांच के आधार पर यह मामला अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी से जुड़ा माना जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, गांजा की खरीद-फरोख्त का पूरा नेटवर्क कैसे संचालित हो रहा था तथा इसके पीछे किस गिरोह का हाथ है। मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच भी की जा रही है ताकि तस्करी से जुड़े अन्य आरोपियों तक पहुंचा जा सके।

इस मामले में थाना कोमाखान में अपराध क्रमांक 115/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम की धारा 20(B)(II)(C) तथा धारा 29 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस आगे की जांच के दौरान तस्करी के पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स के निर्देशों के तहत जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। सीमावर्ती क्षेत्रों, राष्ट्रीय राजमार्गों और संवेदनशील मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अवैध तस्करी को समय रहते रोका जा सके। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं भी मादक पदार्थों की तस्करी या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

महासमुंद पुलिस की इस कार्रवाई को अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। सटीक मुखबिर सूचना, त्वरित रणनीति, प्रभावी घेराबंदी और पुलिस टीम की सतर्कता के कारण करोड़ों रुपये के अवैध नशे की खेप महाराष्ट्र पहुंचने से पहले ही जब्त कर ली गई। इस कार्रवाई से न केवल एक बड़े तस्करी नेटवर्क को झटका लगा है, बल्कि यह भी स्पष्ट संदेश गया है कि छत्तीसगढ़ पुलिस अवैध मादक पदार्थों के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। आगे की जांच में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और संभावित सप्लाई चेन का खुलासा होने की संभावना भी जताई जा रही है।