आदिवासी अंचल की बेटी कविता यादव बनीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ की प्रांताध्यक्ष

जशपुर के पहाड़ी कोरवा बहुल गायबुड़ा क्षेत्र की कविता यादव छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ की प्रांताध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित हुईं। सात नामांकन में एक निरस्त हुआ और पांच अभ्यर्थियों ने नाम वापस ले लिया, जिसके बाद कविता यादव अकेली प्रत्याशी रह गईं।

Sep 20, 2026 - 13:45
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आदिवासी अंचल की बेटी कविता यादव बनीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ की प्रांताध्यक्ष

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ पंजीयन क्रमांक 409 के प्रांताध्यक्ष पद का निर्वाचन शनिवार को बिलासपुर के चकरभाठा स्थित वासु मंगलम में संपन्न हुआ। निर्वाचन प्रक्रिया में कुल सात अभ्यर्थियों ने नामांकन दाखिल किया था। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान एक नामांकन निरस्त कर दिया गया, जबकि शेष छह अभ्यर्थियों में से पांच ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नाम वापस ले लिया। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कविता यादव एकमात्र प्रत्याशी रह गईं। इसके बाद निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें प्रांताध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया।

निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, यदि एक से अधिक प्रत्याशी चुनाव मैदान में रहते तो प्रांताध्यक्ष पद के लिए मतदान कराया जाता। हालांकि, नाम वापसी के बाद केवल एक प्रत्याशी के शेष रहने के कारण मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी। इस तरह कविता यादव का निर्वाचन निर्विरोध हुआ। संघ की निर्वाचन प्रक्रिया में प्रदेशभर के आजीवन सदस्यों को मताधिकार प्राप्त है। संघ के अनुसार करीब पांच हजार सक्रिय आजीवन सदस्य इस प्रक्रिया में मतदाता के रूप में पात्र हैं और विभिन्न जिलों के आधार पर मतदाता सूची तैयार की गई थी।

संघ की ओर से बताया गया कि 2 अगस्त को बिलासपुर के बृहस्पति बाजार में आयोजित प्रांतीय महासमिति की बैठक में प्रांताध्यक्ष पद के लिए सर्वसम्मति बनाने का प्रयास किया गया था। सहमति नहीं बनने के बाद 20 सितंबर को निर्वाचन कराने की घोषणा की गई। इसके बाद 5 सितंबर को निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति की गई और तय प्रक्रिया के तहत नामांकन, नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की कार्रवाई पूरी की गई।

कविता यादव जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के पहाड़ी कोरवा बहुल आदिवासी अंचल गायबुड़ा की रहने वाली हैं। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र से आने वाली कविता यादव का प्रदेश स्तर के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संगठन के प्रांताध्यक्ष पद तक पहुंचना उनके संगठनात्मक सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। गायबुड़ा और आसपास का क्षेत्र पहाड़ी कोरवा समुदाय की आबादी वाले क्षेत्रों में शामिल है। ऐसे दूरस्थ क्षेत्र से निकलकर प्रदेश संगठन के नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालना जशपुर जिले के लिए भी उल्लेखनीय माना जा रहा है।

इस निर्वाचन में केवल प्रांताध्यक्ष पद के लिए चुनाव प्रक्रिया आयोजित की गई। निर्विरोध निर्वाचन के बाद कविता यादव आगामी समय में महासमिति की बैठक बुलाकर संगठन की कार्यकारिणी गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगी। कार्यकारिणी में प्रदेश के अलग-अलग संभागों और जिलों से पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां दिए जाने की संभावना है। संघ के पदाधिकारियों के अनुसार प्रांताध्यक्ष का कार्यकाल तीन वर्ष का रहेगा। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पुनः निर्वाचन कराया जाएगा।

निर्वाचन के बाद कविता यादव ने प्रदेशभर से पहुंचे आजीवन सदस्यों, कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रांताध्यक्ष की जिम्मेदारी संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के विश्वास का दायित्व है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के हक-अधिकार, सम्मान, लंबित मांगों और विभिन्न समस्याओं को शासन-प्रशासन के समक्ष रखने के लिए संगठन स्तर पर प्रयास करने की बात कही। साथ ही उन्होंने संगठन में एकजुटता और सभी जिलों की भागीदारी के साथ काम करने पर जोर दिया।

निर्वाचन के अवसर पर निर्वाचन अधिकारी श्रीकांत मिश्रा, पीठासीन अधिकारी सुनील यादव, कविता यादव, रागिनी वाल्टर सहित संघ के पदाधिकारी और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए सदस्य उपस्थित रहे।