बंगाल में SIR की 37 लाख से ज्यादा अपीलें लंबित, EC ने 42 ट्रिब्यूनल बनाने का प्रस्ताव रखा

पश्चिम बंगाल में SIR के तहत दाखिल 38.20 लाख से अधिक अपीलों में से करीब 1.02 लाख का ही निपटारा हुआ है। 37.18 लाख से ज्यादा मामले लंबित हैं। चुनाव आयोग ने इनके तेजी से निपटारे के लिए 19 से बढ़ाकर 42 अपीलीय ट्रिब्यूनल करने का प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखा है।

Sep 20, 2026 - 13:40
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बंगाल में SIR की 37 लाख से ज्यादा अपीलें लंबित, EC ने 42 ट्रिब्यूनल बनाने का प्रस्ताव रखा

UNITED NEWS OF ASIA. पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़ी अपीलों के निपटारे की रफ्तार को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। निर्वाचन आयोग ने शीर्ष अदालत को बताया है कि SIR से संबंधित आदेशों के खिलाफ कुल 38,20,683 अपीलें दाखिल की गई हैं। इनमें से 1,02,231 अपीलों का निपटारा हो चुका है, जबकि 37,18,452 अपीलें अभी भी लंबित हैं। यह जानकारी चुनाव आयोग ने अपने जवाबी हलफनामे में दी है।

आयोग के मुताबिक, इन लंबित मामलों में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ दायर अपीलें भी शामिल हैं और SIR के बाद मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने को चुनौती देने वाली अपीलें भी हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 22 लाख से अधिक अपीलें उन मतदाताओं की ओर से दाखिल की गई हैं, जिनके नाम सूची से हटाए गए थे, जबकि करीब 16 लाख अपीलें ऐसे नामों को शामिल किए जाने के खिलाफ हैं। हालांकि, अलग-अलग श्रेणियों का विस्तृत आंकड़ा आयोग के हलफनामे में पूरी तरह उपलब्ध नहीं कराया गया है।

वर्तमान में इन अपीलों की सुनवाई के लिए पश्चिम बंगाल में 19 अपीलीय ट्रिब्यूनल काम कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्ताव रखा है कि लंबित मामलों के तेजी से निपटारे के लिए ट्रिब्यूनल की संख्या बढ़ाई जाए। आयोग के अनुसार, राज्य में जितनी लोकसभा सीटें हैं, उतने ही अपीलीय ट्रिब्यूनल होने से मामलों की सुनवाई और निपटारे की प्रक्रिया को तेज करने में मदद मिल सकती है। पश्चिम बंगाल में 42 संसदीय निर्वाचन क्षेत्र हैं, इसलिए आयोग ने ट्रिब्यूनल की संख्या 42 करने का सुझाव दिया है।

यह मामला उन याचिकाओं की सुनवाई के दौरान सामने आया, जिनमें SIR के दौरान मतदाता सूची से बाहर किए गए नामों से संबंधित दावों और आपत्तियों का विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़ा उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 25 अगस्त को निर्वाचन आयोग से अपीलों की लंबित स्थिति और उनके निपटारे से संबंधित आंकड़े प्रस्तुत करने को कहा था। अदालत ने अपीलों को समयबद्ध तरीके से निपटाने की जरूरत पर भी जोर दिया था।

SIR प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नामों की पात्रता की समीक्षा की गई थी। इस प्रक्रिया से जुड़े दावों और आपत्तियों के निपटारे के लिए पश्चिम बंगाल और पड़ोसी राज्यों के करीब 700 न्यायिक अधिकारियों की तैनाती की गई थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने 19 अपीलीय ट्रिब्यूनल गठित किए थे, जिनकी अध्यक्षता पूर्व हाई कोर्ट मुख्य न्यायाधीशों और न्यायाधीशों द्वारा की जा रही है।

चुनाव आयोग की ओर से 42 ट्रिब्यूनल का प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब 37.18 लाख से अधिक अपीलों का निपटारा बाकी है। आयोग का कहना है कि अतिरिक्त ट्रिब्यूनल बनाए जाने से लंबित मामलों को व्यवस्थित तरीके से तेजी से सुना जा सकेगा। अब इस प्रस्ताव और लंबित अपीलों के निपटारे की प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट में आगे सुनवाई होनी है।