छात्रों की गूंज को हर जिले तक ले जाएगी कांग्रेस, शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर जीतू पटवारी ने सरकार को घेरा
इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि छात्रों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रदेश के हर जिले तक ले जाया जाएगा। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार, भर्ती और परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार से काम करने की मांग की। पटवारी ने कार्यक्रम में सहयोग के लिए इंदौर की जनता, मीडिया, पुलिस, प्रशासन और अन्य संस्थाओं का आभार जताया।
UNITED NEWS OF ASIA. इंदौर। राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कार्यक्रम और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी ने कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों से जुड़े जिन विषयों को उठाया, उन्हें व्यापक स्तर पर सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ की आवाज अब केवल इंदौर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कांग्रेस इसे प्रदेश के हर जिले तक ले जाने की योजना बना रही है। कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग के लिए उन्होंने इंदौर की जनता, मीडिया, सिख समाज, इंदौर विकास प्राधिकरण, पुलिस और जिला प्रशासन का आभार जताया।
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर पटवारी ने कहा कि शिक्षा और विद्यार्थियों से जुड़े विषयों पर चर्चा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व विद्यार्थियों को अधिकार संपन्न और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। पटवारी ने मध्यप्रदेश में क्वालिटी एजुकेशन को लेकर पहल किए जाने की जरूरत बताई और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देने की बात कही। राहुल गांधी का इंदौर कार्यक्रम 19 सितंबर को आयोजित हुआ था और इसमें छात्रों की शिक्षा, रोजगार तथा भर्ती व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
पटवारी ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं है, बल्कि छात्रों और शिक्षा से जुड़े सवालों को सामने रखना है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम समाप्त होने के साथ छात्रों की आवाज का मुद्दा खत्म नहीं होगा। कांग्रेस की ओर से इसे आगे अलग-अलग जिलों तक ले जाने की बात उन्होंने दोहराई। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग करने वाले विभिन्न वर्गों और संस्थाओं के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पटवारी ने सत्ताधारी दल के नेताओं के बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी के बजाय शिक्षा, रोजगार और विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने प्रदेश सरकार के कार्यकाल के बचे समय का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को इस अवधि में छात्रों और युवाओं से जुड़े विषयों पर गंभीरता से काम करना चाहिए। सरकार के कार्यों को लेकर उनकी टिप्पणियां कांग्रेस के राजनीतिक रुख के रूप में सामने आईं।
रोजगार के मुद्दे पर पटवारी ने चीन का उदाहरण देते हुए रोजगार सृजन की आवश्यकता पर सवाल उठाए। उन्होंने युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की जरूरत बताई। साथ ही उन्होंने सरकारी विभागों में भर्ती, परीक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े अन्य विषयों को भी चर्चा के केंद्र में रखने की बात कही। कांग्रेस इससे पहले भी ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा, पेपर लीक, महंगी शिक्षा, सरकारी भर्ती और बेरोजगारी जैसे मुद्दे उठाती रही है।
कार्यक्रम के आयोजन को लेकर इंदौर में पहले स्थान और अनुमति को लेकर भी राजनीतिक चर्चा हुई थी। कांग्रेस ने पहले जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई थी, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के बाद कार्यक्रम की तारीख 12 सितंबर से बदलकर 19 सितंबर की गई और बाद में वैकल्पिक स्थल पर आयोजन किया गया।
पटवारी ने कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाया जाएगा और ‘छात्रों की गूंज’ को प्रदेश के अन्य जिलों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। कांग्रेस के अनुसार, अभियान के जरिए विद्यार्थियों और युवाओं से जुड़े शिक्षा, रोजगार और भर्ती संबंधी विषयों को सार्वजनिक चर्चा में लाने की कोशिश की जाएगी।