सतना में छात्रा से प्रताड़ना मामले का मुख्य आरोपी जेल भेजा, सहेलियों से पिटाई कराने का आरोप
मध्य प्रदेश के सतना में कॉलेज छात्रा से कथित तौर पर अनुचित संबंध बनाने का दबाव डालने और विरोध करने पर उसकी सहेलियों से पिटाई कराने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी श्रवण श्रीवास उर्फ श्रवण सेन को गिरफ्तार किया है। कोर्ट में पेशी के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल भेज दिया गया। पुलिस ने मामले में शामिल चार युवतियों के खिलाफ भी धाराएं बढ़ाई हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. मध्य प्रदेश के सतना जिले में कॉलेज छात्रा से कथित तौर पर प्रताड़ना और मारपीट के मामले में कोलगवां थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी 19 वर्षीय श्रवण श्रीवास उर्फ श्रवण सेन को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल भेज दिया गया। मामले में छात्रा ने आरोपी पर लंबे समय से अनुचित संबंध बनाने के लिए दबाव डालने और विरोध करने पर अन्य युवतियों के जरिए उसके साथ मारपीट कराने का आरोप लगाया है।
पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी श्रवण पिछले करीब 10 महीनों से छात्रा पर कथित तौर पर अनुचित संबंध बनाने का दबाव बना रहा था। छात्रा द्वारा इसका विरोध किए जाने के बाद मामले ने अलग मोड़ लिया। आरोप है कि श्रवण ने अपनी कथित गर्लफ्रेंड के जरिए छात्रा पर दबाव बनवाने की कोशिश की। जब छात्रा ने इसके बावजूद विरोध जारी रखा, तो उसे कोलगवां क्षेत्र स्थित नगर वन के सुनसान इलाके में बुलाने की कथित साजिश रची गई।
पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने बताया कि नगर वन क्षेत्र में पहले से मौजूद चार युवतियों ने छात्रा के साथ मारपीट की। घटना का वीडियो भी बनाए जाने और बाद में उसके सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई है। पुलिस ने छात्रा के बयान के आधार पर चारों युवतियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3) सहित अन्य संबंधित धाराएं बढ़ाई हैं। पुलिस ने मामले की जांच के तहत आरोपियों के मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
जांच के दौरान पुलिस को सोशल मीडिया पर बने एक कथित ‘जीसी ग्रुप’ की जानकारी भी मिली है। बताया गया है कि इस ग्रुप में शहर के अलग-अलग कॉलेजों, जिनमें VITS इंजीनियरिंग, गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज और AKS यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राएं शामिल थे। इसी ग्रुप के माध्यम से पीड़िता का संपर्क आरोपी श्रवण से होने की बात सामने आई है। आरोप है कि बाद में श्रवण ने छात्रा को निजी और आपत्तिजनक संदेश भेजने शुरू किए, जिसका छात्रा ने विरोध किया।
पुलिस के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद संबंधित सोशल मीडिया ग्रुप को डिलीट कर दिया गया। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम में शामिल लोगों की भूमिका और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। मोबाइल फोन जब्त किए जाने के बाद पुलिस सोशल मीडिया चैट, कॉल और अन्य उपलब्ध डिजिटल जानकारी की भी पड़ताल कर सकती है।
मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से न्यायिक रिमांड का आदेश दिया गया। वहीं, छात्रा के साथ कथित मारपीट में शामिल युवतियों के खिलाफ भी कार्रवाई आगे बढ़ाई गई है। पुलिस मामले से जुड़े आरोपों, वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। फिलहाल आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच के निष्कर्ष के आधार पर ही होगी।