भारतीय मूल की नीला विखे पाटिल स्वीडन की संसद पहुंचीं, स्टॉकहोम सिटी से ग्रीन पार्टी के टिकट पर जीता चुनाव

महाराष्ट्र के विखे परिवार से जुड़ी 41 वर्षीय नीला विखे पाटिल स्वीडन की संसद के लिए निर्वाचित हुई हैं। उन्होंने ग्रीन पार्टी के टिकट पर स्टॉकहोम सिटी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीता। नीला शिक्षाविद अशोक विखे पाटिल की बेटी और महाराष्ट्र के मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल की भतीजी हैं। इससे पहले वह स्वीडन के प्रधानमंत्री कार्यालय में राजनीतिक सलाहकार और स्टॉकहोम नगर परिषद की सदस्य रह चुकी हैं।

Sep 20, 2026 - 11:09
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भारतीय मूल की नीला विखे पाटिल स्वीडन की संसद पहुंचीं, स्टॉकहोम सिटी से ग्रीन पार्टी के टिकट पर जीता चुनाव

UNITED NEWS OF ASIA. महाराष्ट्र के विखे परिवार से जुड़ी 41 वर्षीय नीला विखे पाटिल स्वीडन की संसद के लिए निर्वाचित हुई हैं। उन्होंने ग्रीन पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर स्टॉकहोम सिटी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीता है। स्वीडन की 349 सदस्यीय संसद रिक्सडैग में पहुंचने के बाद नीला ने कहा कि वह उन लोगों की आवाज बनना चाहती हैं, जो मतदान नहीं कर सकते। उन्होंने संसद का हिस्सा बनने पर खुशी जताते हुए शहर और देश के लिए योगदान करने की बात कही। रिपोर्टों के मुताबिक स्वीडन में 13 सितंबर को मतदान हुआ था और चुनाव परिणामों की घोषणा क्रमशः की गई।

नीला विखे पाटिल महाराष्ट्र के जाने-माने शिक्षाविद अशोक विखे पाटिल की बेटी हैं। उनका संबंध महाराष्ट्र के विखे परिवार से है। वह महाराष्ट्र के मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल की भतीजी और दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री बालासाहेब विखे पाटिल की पोती हैं। उनका परिवार महाराष्ट्र में शिक्षा, सहकारिता और सार्वजनिक जीवन से लंबे समय से जुड़ा रहा है। नीला ने अपनी उपलब्धि के बाद अपने दादा बालासाहेब विखे पाटिल को भी याद किया। उन्होंने बताया कि जब वह 15 वर्ष की थीं, तब उनके दादा उन्हें बजट पढ़ने के लिए कहते थे।

नीला का जन्म स्वीडन में हुआ था, लेकिन उनके बचपन के शुरुआती वर्ष महाराष्ट्र के अहमदनगर क्षेत्र में बीते। इसके बाद वह स्वीडन लौट गईं और वहीं अपनी शिक्षा तथा सार्वजनिक जीवन को आगे बढ़ाया। उन्होंने गोथेनबर्ग स्कूल ऑफ बिजनेस से अर्थशास्त्र और कानून की पढ़ाई की और एमबीए किया। इसके अलावा उन्होंने मैड्रिड की यूनिवर्सिटी ऑफ कॉम्प्लूटेंस से भी अध्ययन किया है। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने नीति और प्रशासन से जुड़े क्षेत्रों में काम किया।

राजनीति में सक्रिय होने से पहले नीला स्वीडन के प्रधानमंत्री कार्यालय में राजनीतिक सलाहकार के तौर पर काम कर चुकी हैं। पूर्व प्रधानमंत्री स्टीफन लोफवेन के कार्यकाल के दौरान उन्होंने वित्त, कर, बजट, वित्तीय बाजार और आवास से जुड़े विषयों पर काम किया। वह स्टॉकहोम नगर परिषद के लिए भी निर्वाचित हो चुकी हैं। इसके अलावा वह ग्रीन पार्टी और उससे जुड़े संगठनों में विभिन्न भूमिकाओं में सक्रिय रही हैं।

स्वीडन की संसद में पहुंचने के बाद नीला ने बच्चों के कल्याण और पर्यावरण को अपने प्रमुख कार्यक्षेत्रों में शामिल करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि वह ऐसे लोगों की आवाज बनने की कोशिश करेंगी, जो मतदान नहीं कर सकते। उनके सार्वजनिक जीवन में स्थानीय प्रशासन, नीति निर्माण और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर काम का अनुभव रहा है।

नीला ने अपनी भारतीय जड़ों को लेकर भी भावनात्मक जुड़ाव व्यक्त किया है। उन्होंने भारत के प्रति अपने लगाव और महाराष्ट्र से अपने संबंध का उल्लेख किया है। उनके पिता अशोक विखे पाटिल ने भी उनकी उपलब्धि पर गर्व जताया है। नीला की स्वीडिश संसद तक की यात्रा ऐसे समय में सामने आई है, जब उनका परिवार महाराष्ट्र में सार्वजनिक जीवन और शिक्षा के क्षेत्र से लंबे समय से जुड़ा रहा है।