अरविंद केजरीवाल और परिवार को SIR नोटिस, AAP ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर उठाए सवाल

दिल्ली में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया के तहत पूर्व मुख्यमंत्री और AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, बेटे पुलकित केजरीवाल और माता-पिता गोविंद राम केजरीवाल व गीता देवी को नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार संबंधित मतदाता विवरण पिछले SIR रिकॉर्ड से मैप नहीं हुए हैं। वहीं AAP ने नोटिस जारी किए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

Sep 20, 2026 - 11:01
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अरविंद केजरीवाल और परिवार को SIR नोटिस, AAP ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर उठाए सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल तथा उनके परिवार के सदस्यों को नोटिस जारी किए गए हैं। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी प्रक्रिया के तहत अरविंद केजरीवाल, उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, बेटे पुलकित केजरीवाल और उनके माता-पिता गोविंद राम केजरीवाल तथा गीता देवी को नोटिस दिए जाने की जानकारी सामने आई है। यह कार्रवाई मतदाता सूची में दर्ज विवरणों की जांच और पिछले SIR रिकॉर्ड के साथ उनके मिलान से जुड़ी बताई गई है।

अधिकारियों के अनुसार केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों के रिकॉर्ड पिछले SIR से मैप नहीं होने वाली श्रेणी में पाए गए हैं। दिल्ली में चल रही SIR प्रक्रिया के दौरान ऐसे मतदाताओं के विवरण की जांच की जा रही है, जिनके रिकॉर्ड पिछले पुनरीक्षण से संबंधित जानकारी के साथ मेल नहीं खाते या जिनके विवरण में सत्यापन की जरूरत है। चुनाव आयोग के अनुसार दिल्ली में SIR का उद्देश्य पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल रखना और अपात्र व्यक्तियों को शामिल होने से रोकना है। इस प्रक्रिया में बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करते हैं और मतदाताओं को अपने विवरण की पुष्टि करने का अवसर दिया जाता है।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं। रिपोर्टों में बताया गया है कि नई दिल्ली क्षेत्र के एक मतदान भाग में बड़ी संख्या में मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं और इनमें केजरीवाल तथा उनके परिवार के सदस्यों के नाम भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि नोटिस जारी करने का आधार मतदाता रिकॉर्ड में सामने आई स्थिति है और यह SIR के तहत चल रही सत्यापन प्रक्रिया का हिस्सा है।

नोटिस को लेकर आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल उठाया कि तीन बार दिल्ली के मुख्यमंत्री रह चुके अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों के नाम मतदाता सूची से संबंधित सत्यापन प्रक्रिया में क्यों सामने आ रहे हैं। AAP ने सोशल मीडिया पर भी चुनाव आयोग से इस मामले को लेकर सवाल किए और प्रक्रिया पर आपत्ति जताई। पार्टी की प्रतिक्रिया को उसके राजनीतिक पक्ष के रूप में देखा जा रहा है।

दिल्ली में SIR की प्रक्रिया चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चल रही है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक घर-घर जाकर गणना का चरण 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक निर्धारित था। ड्राफ्ट मतदाता सूची 5 अगस्त को प्रकाशित की गई और दावे एवं आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 5 अगस्त से 4 सितंबर तक रखी गई। इसके बाद नोटिस चरण और दावों-आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 3 अक्टूबर 2026 तक चलनी है। अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित करने का कार्यक्रम तय किया गया है।

SIR के दौरान जारी नोटिस का उद्देश्य संबंधित मतदाताओं से आवश्यक जानकारी और दस्तावेजों के आधार पर रिकॉर्ड का सत्यापन करना है। ऐसे में केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों को जारी नोटिस के बाद अब आगे की प्रक्रिया उनके संबंधित मतदाता विवरण के सत्यापन और निर्वाचन अधिकारियों की जांच पर निर्भर करेगी। फिलहाल इस मामले को लेकर चुनाव आयोग की प्रक्रिया और AAP की आपत्तियां दोनों सार्वजनिक चर्चा में हैं।