IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत की जांच क्राइम ब्रांच को, पिता की शिकायत पर FIR दर्ज

IIT बॉम्बे के B.Tech द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की मौत की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। छात्र के पिता की शिकायत पर पवई पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 और SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत FIR दर्ज की है। परिवार ने जाति आधारित उत्पीड़न और दबाव के आरोप लगाए हैं, जबकि IIT बॉम्बे ने जातिगत भेदभाव और निलंबन की धमकी के आरोपों से इनकार किया है।

Sep 20, 2026 - 11:14
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IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत की जांच क्राइम ब्रांच को, पिता की शिकायत पर FIR दर्ज

UNITED NEWS OF ASIA. मुंबई के IIT बॉम्बे में B.Tech द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले की जांच अब मुंबई क्राइम ब्रांच करेगी। पवई पुलिस ने छात्र के पिता की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के संबंधित प्रावधान भी लगाए गए हैं। मामले में एक फैकल्टी सदस्य समेत संस्थान के कुछ अधिकारियों के नाम शिकायत में शामिल किए गए हैं। शनिवार को मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई।

साहिल वाकोडे महाराष्ट्र के यवतमाल जिले का रहने वाला था और IIT बॉम्बे के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में द्वितीय वर्ष का छात्र था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, परीक्षा के दौरान उसके पास मोबाइल फोन पाए जाने के बाद संस्थान में इस संबंध में बातचीत हुई थी। IIT बॉम्बे का कहना है कि मामले में उसके खिलाफ कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। संस्थान के अनुसार, संबंधित शिक्षक और विभागाध्यक्ष ने छात्र से बातचीत की थी और उसे बताया था कि परीक्षा से जुड़ी घटना उसके अकादमिक करियर को प्रभावित नहीं करेगी।

घटना के बाद छात्र के माता-पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। परिवार की ओर से आरोप लगाया गया कि साहिल को पिछले कुछ समय से जातिसूचक टिप्पणियों और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा था। पिता ने एक फैकल्टी सदस्य और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ भी शिकायत की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर जांच शुरू की और बाद में मामले को मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।

परिवार की शिकायत में जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। FIR में संबंधित कानूनों की धाराएं जोड़ी गई हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने से पहले नहीं मानी जा सकती। IIT बॉम्बे के निदेशक शिरीष केदारे ने संस्थान में जातिगत भेदभाव के आरोपों से इनकार किया है। संस्थान की ओर से कहा गया है कि पुलिस ने मामला दर्ज किया है और IIT बॉम्बे जांच में पूरा सहयोग करेगा। संस्थान ने लोगों से जांच पूरी होने तक अटकलों से बचने की अपील भी की है।

मामले को लेकर IIT बॉम्बे परिसर में छात्रों ने भी विरोध प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा से जुड़े मामले में साहिल पर निलंबन की कार्रवाई का दबाव था। दूसरी ओर, संस्थान ने स्पष्ट किया है कि उसके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी और उसे अकादमिक करियर प्रभावित नहीं होने का आश्वासन दिया गया था। इन दावों के बीच अब क्राइम ब्रांच के सामने घटना की परिस्थितियों, परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों और संस्थान के पक्ष की जांच करना प्रमुख बिंदु होंगे।

पुलिस के अनुसार घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था। अब जांच एजेंसी संबंधित लोगों के बयान, उपलब्ध रिकॉर्ड और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करेगी। फिलहाल मामले में किसी आरोप को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना गया है। क्राइम ब्रांच की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना से जुड़े आरोपों और परिस्थितियों में क्या तथ्य सामने आते हैं।