डीआईजी एमआर आहिरे ने थाना भोरमदेव को गोद लेकर किया सघन निरीक्षण, बेहतर पुलिसिंग पर जोर

डीआईजी ट्रैफिक पीएचक्यू नया रायपुर एमआर आहिरे ने डीआईजी/आईजी कॉन्फ्रेंस-2025 के निर्देशों के तहत थाना भोरमदेव को गोद लेकर सघन निरीक्षण किया। इस दौरान लंबित अपराधों के निराकरण, गुणवत्तापूर्ण विवेचना, डिजिटल साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग, सक्रिय बीट व्यवस्था, नियमित पेट्रोलिंग और जन-जागरूकता को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

Sep 20, 2026 - 13:05
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डीआईजी एमआर आहिरे ने थाना भोरमदेव को गोद लेकर किया सघन निरीक्षण, बेहतर पुलिसिंग पर जोर

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कबीरधाम l डीआईजी ट्रैफिक पीएचक्यू नया रायपुर एमआर आहिरे ने डीआईजी/आईजी कॉन्फ्रेंस-2025 के निर्देशों और शासन की मंशा के अनुरूप थाना भोरमदेव को गोद लेकर सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान थाना की कार्यप्रणाली, व्यवस्थाओं और पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई। बेहतर और प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण का मुख्य फोकस अपराधों के प्रभावी निराकरण, विवेचना की गुणवत्ता, तकनीकी साक्ष्यों के उपयोग, बीट व्यवस्था और आमजन के साथ निरंतर संवाद पर रहा।

डीआईजी एमआर आहिरे ने थाना परिसर की साफ-सफाई और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने थाना परिसर, कार्यालय, मालखाना और बैरक सहित सभी स्थानों को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। लंबित अपराधों एवं प्रकरणों के निराकरण को लेकर भी उन्होंने प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विवेचना की गुणवत्ता बनाए रखते हुए अनावश्यक रूप से लंबित प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण किया जाना चाहिए, ताकि पुलिसिंग की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और परिणाममुखी बन सके।

निरीक्षण के दौरान डिजिटल साक्ष्यों की बढ़ती भूमिका को देखते हुए इनके नियमानुसार संकलन और सुरक्षित संधारण पर विशेष जोर दिया गया। डीआईजी ने निर्देश दिए कि विवेचक डिजिटल साक्ष्यों का प्रकरणों की जांच में प्रभावी उपयोग करें। इसके लिए विवेचकों को डिजिटल साक्ष्य से संबंधित आवश्यक तकनीकी जानकारी और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। तकनीकी साक्ष्यों के बेहतर उपयोग से विवेचना को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए गए।

अपराध नियंत्रण के लिए बीट प्रणाली को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। थाना क्षेत्र में नियमित पेट्रोलिंग, प्रभावी सूचना तंत्र और अपराधों की रोकथाम के लिए सतत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बीट अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करने, आमजन से संपर्क बनाए रखने तथा स्थानीय गतिविधियों और समस्याओं की जानकारी रखने के लिए कहा गया। पुलिस और आमजन के बीच निरंतर संवाद को बेहतर पुलिसिंग का महत्वपूर्ण आधार बताया गया।

निरीक्षण के दौरान थाना में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों से उनकी व्यक्तिगत एवं विभागीय समस्याओं की जानकारी भी ली गई। उनकी समस्याओं को सुनकर यथासंभव निराकरण के लिए आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए गए। इससे पुलिसकर्मियों के कार्य वातावरण और विभागीय जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से संचालित करने पर भी ध्यान दिया गया।

डीआईजी ने साइबर अपराधों से बचाव के लिए नियमित जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ यातायात नियमों के पालन और सड़क सुरक्षा को लेकर भी जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। स्कूली बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी देने और उनके माध्यम से सड़क सुरक्षा संबंधी जागरूकता को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।

डीआईजी एमआर आहिरे ने थाना स्तर पर स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली, गुणवत्तापूर्ण विवेचना, डिजिटल तकनीक के प्रभावी उपयोग, सक्रिय बीट व्यवस्था और आमजन से निरंतर संवाद को प्रभावी पुलिसिंग का आधार बताया। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिए गए दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने को कहा।