भारतीय बौद्ध महासभा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष रतन सोमकुंवर का रायपुर में किया सत्कार
बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया यानी भारतीय बौद्ध महासभा की ओर से रायपुर में राष्ट्रीय अध्यक्ष रतन सोमकुंवर के सत्कार और संगठनात्मक विषयों पर चर्चा का आयोजन किया गया। संस्था के पदाधिकारियों ने संगठन की कार्यप्रणाली, सदस्य संख्या बढ़ाने, बौद्ध विहारों के माध्यम से धम्मक्रांति और बौद्ध संस्कारों के प्रचार-प्रसार सहित विभिन्न विषयों पर जानकारी साझा की।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया यानी भारतीय बौद्ध महासभा की ओर से रायपुर में संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष रतन सोमकुंवर के सत्कार और संगठनात्मक विषयों पर चर्चा के लिए कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। संस्था के पदाधिकारियों के अनुसार यह संगठन डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा वर्ष 1954 में स्थापित किया गया था और इसका पंजीयन 4 मई 1955 को मुंबई में सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के तहत कराया गया था। संस्था का पंजीयन क्रमांक 3227/55 बताया गया है। इसके बाद 6 जुलाई 1962 को बॉम्बे पब्लिक ट्रस्ट एक्ट 1950 के तहत भी पंजीयन कराया गया, जिसका क्रमांक पी.टी.आर. एफ-982 (मुंबई) बताया गया है।
संस्था के पदाधिकारियों के अनुसार, मूल बायलॉज में अध्यक्ष पद का प्रावधान जीवनपर्यंत रखा गया था और संस्थापक अध्यक्ष डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर थे। उनके निधन के बाद संगठन के संचालन के लिए सलाहकार समिति के माध्यम से कार्य किया गया। बाद में संस्था के प्रशासन और प्रबंधन को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से महाराष्ट्र शासन के अधीन धर्मादाय आयुक्त, वरली मुंबई के सुझाव के अनुसार एक स्कीम तैयार की गई। इस स्कीम के तहत ट्रस्टियों का बोर्ड गठित किया गया और इसके संचालन की नियमावली को 24 जून 1981 को मान्यता दिए जाने की जानकारी संस्था ने दी है।
संस्था के अनुसार, इस स्कीम को लेकर सिटी सिविल कोर्ट मुंबई, बॉम्बे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में विभिन्न अपील, पिटीशन और स्पेशल लीव पिटीशन दाखिल हुईं। संस्था की ओर से बताया गया कि बॉम्बे हाईकोर्ट के 21 जून 2013 के आदेश तथा सुप्रीम कोर्ट के 2 फरवरी 2015 और 15 अप्रैल 2015 के आदेशों के बाद 24 जुलाई 1981 को मान्यता प्राप्त स्कीम को लागू किया गया। वर्तमान में संस्था का संचालन इसी स्कीम के अनुसार किए जाने की बात पदाधिकारियों ने कही है।
पत्रकार वार्ता के दौरान संस्था के पदाधिकारियों ने अपने अधिकृत अभिलेखों की जानकारी सार्वजनिक करने की बात कही। उनके अनुसार पी.टी.आर. एफ-982 के अंतर्गत चेंज रिपोर्ट एसीसी-1/2471/01 से संबंधित मामले में तत्कालीन धर्मादाय उपआयुक्त मुंबई एस. ए. कापडी ने 20 सितंबर 2006 को आदेश पारित किया था। संस्था के मुताबिक इस चेंज रिपोर्ट में रिक्त हुए ट्रस्टी पदों पर चंद्रबोधी पाटिल, दयानंद मोहिते और डॉ. हरीश रावलिया की नियुक्ति से संबंधित जानकारी शामिल थी। संस्था ने दावा किया कि चेंज रिपोर्ट स्वीकार की गई, जबकि ट्रस्टियों की मान्यता से जुड़े कुछ पहलू न्यायालयीन प्रकरणों के कारण विचाराधीन रखे गए थे।
संस्था ने यह भी कहा कि कुछ लोगों द्वारा उसके पंजीयन क्रमांक का उपयोग किए जाने से भ्रम की स्थिति बनने की शिकायत की गई थी। इस संबंध में बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के विधिक सलाहकार के माध्यम से 18 दिसंबर 2019 को कोर्ट रिसीवर, बॉम्बे हाईकोर्ट और धर्मादाय आयुक्त कार्यालय मुंबई को पत्र भेजे जाने की जानकारी दी गई। संस्था के अनुसार इस मामले में आगे संबंधित कार्यालयों से संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई का प्रयास किया जाएगा।
पदाधिकारियों के अनुसार 13 और 14 जून 2026 को मध्य प्रदेश के भोपाल निवासी रतन सोमकुंवर को राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में उनके सत्कार के साथ संगठन के विस्तार, सदस्य संख्या बढ़ाने, बौद्ध विहारों के माध्यम से धम्मक्रांति के निर्माण, बौद्ध संस्कारों के प्रचार-प्रसार और आचार संहिता की जानकारी समाज तक पहुंचाने जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम में राष्ट्रीय महासचिव शंकरराव ढेंगरे, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भीमराव कांबले, प्रदेश प्रभारी एस. आर. कानडे, आलकाताई बोरकर, सी. डी. खोब्रागडे, सारंगराव हुमने, बेनीराम गायकवाड़ और नीलकंठ सिंगाड़े सहित विभिन्न पदाधिकारी शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष भोजराज गोरखेडे द्वारा किए जाने की जानकारी दी गई है।