नई LNG ट्रेन में डीजल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी LNG, दोनों ईंधनों का इस्तेमाल किया जा सकता है। रेलवे के अनुसार, साबरमती इंटीग्रेटेड कोचिंग डिपो की दो 1,400 हॉर्सपावर वाली ड्राइविंग पावर कारों को डीजल-LNG डुअल-फ्यूल सिस्टम में बदला गया है। इस व्यवस्था में LNG डीजल की खपत के एक हिस्से को प्रतिस्थापित कर सकती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार LNG लगभग 40 प्रतिशत तक डीजल खपत को बदल सकती है।
₹700 करोड़ का WAG-12 मेंटेनेंस शेड
कार्यक्रम के दौरान साबरमती में करीब ₹700 करोड़ की लागत से तैयार WAG-12 लोकोमोटिव मेंटेनेंस शेड का भी उद्घाटन किया गया। इस सुविधा में उच्च क्षमता वाले WAG-12 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के रखरखाव की व्यवस्था होगी। WAG-12 लोकोमोटिव करीब 12,000 हॉर्सपावर क्षमता के साथ भारी और लंबी मालगाड़ियों के संचालन के लिए डिजाइन किए गए हैं।
404 किलोमीटर रेल नेटवर्क पर कवच
रेल सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं में अहमदाबाद डिवीजन के 404 किलोमीटर रेल नेटवर्क पर कवच ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाने की योजना भी शामिल है। इसके लिए करीब ₹411 करोड़ का प्रावधान बताया गया है। यह प्रणाली निर्धारित सुरक्षा परिस्थितियों के उल्लंघन की स्थिति में ट्रेन की गति और ब्रेकिंग को नियंत्रित करने में मदद करती है तथा टक्कर के जोखिम को कम करने के उद्देश्य से विकसित की गई है।
साबरमती-सारखेज रेल लाइन का होगा दोहरीकरण
कार्यक्रम में 21 किलोमीटर लंबी साबरमती-सारखेज रेल लाइन के दोहरीकरण की आधारशिला भी रखी गई। परियोजना की अनुमानित लागत ₹313.27 करोड़ बताई गई है और इसे मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। दोहरीकरण से इस मार्ग की क्षमता बढ़ाने और यात्री व मालगाड़ियों की आवाजाही को सुगम बनाने का उद्देश्य है।
इसके अलावा 122.57 किलोमीटर रेल सेक्शन पर ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम से जुड़े कार्य भी परियोजनाओं में शामिल हैं। रेलवे के अनुसार इससे ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने और रेल मार्ग की परिचालन क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
अमित शाह ने कार्यक्रम के दौरान साबरमती रेलवे स्टेशन और आसपास के रेल बुनियादी ढांचे में हुए बदलावों का उल्लेख किया। LNG ट्रेन को वैकल्पिक ईंधन के इस्तेमाल से जोड़ते हुए उन्होंने इसे रेलवे में नई तकनीक और पर्यावरण संबंधी प्रयासों के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया।