बिना वैध MOU कार्य कर रही एजुकेट गर्ल्स संस्था पर होगी कार्रवाई: डीपीसी

सिंगरौली में एजुकेट गर्ल्स संस्था को लेकर जिला परियोजना समन्वयक ने स्पष्ट किया कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र के लिए संस्था का कोई वैध एमओयू उपलब्ध नहीं है। बिना अनुमति स्कूलों में गतिविधियां संचालित करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

Jul 7, 2026 - 11:08
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बिना वैध MOU कार्य कर रही एजुकेट गर्ल्स संस्था पर होगी कार्रवाई: डीपीसी

UNITED NEWS OF ASIA. आदर्श तिवारी, सिंगरौली l सिंगरौली जिले में कार्यरत एजुकेट गर्ल्स संस्था को लेकर जिला शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान शैक्षणिक वर्ष के लिए संस्था का कोई वैध एमओयू उनके कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। ऐसे में संस्था को जिले के शासकीय विद्यालयों में किसी भी प्रकार की गतिविधि संचालित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बिना अनुमति संस्था का कोई प्रतिनिधि विद्यालयों में कार्य करते हुए पाया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

डीपीसी ने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से एजुकेट गर्ल्स संस्था को पूर्व में पत्र भेजकर वैध एमओयू प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद संस्था ने अब तक आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए हैं। उन्होंने कहा कि संस्था द्वारा जो दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं, वे ट्राइबल विभाग से संबंधित हैं और शिक्षा विभाग के लिए मान्य नहीं हैं। इसलिए वर्तमान सत्र में संस्था को जिले के विद्यालयों में कार्य करने की अनुमति नहीं दी गई है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी गैर-सरकारी संस्था को विद्यालयों में कार्य करने से पहले संबंधित विभाग से वैध एमओयू प्राप्त करना अनिवार्य होता है। बिना वैधानिक अनुमति किसी भी प्रकार की शैक्षणिक या सर्वेक्षण संबंधी गतिविधियां संचालित करना नियमों के विरुद्ध माना जाएगा। यदि संस्था के प्रतिनिधि किसी विद्यालय में कार्य करते पाए गए तो पूरे मामले की जानकारी जिला कलेक्टर को भेजी जाएगी और आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

डीपीसी ने विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि एजुकेट गर्ल्स संस्था द्वारा स्कॉलर रजिस्टर अथवा विद्यार्थियों की व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त करना पूरी तरह अनुचित है। किसी भी विद्यालय द्वारा छात्रों से संबंधित गोपनीय जानकारी संस्था को उपलब्ध कराना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई प्रधानाध्यापक या विद्यालय प्रभारी संस्था को स्कॉलर रजिस्टर अथवा अन्य अभिलेखों की जानकारी उपलब्ध कराता है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग विद्यार्थियों की जानकारी की गोपनीयता और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है तथा इस संबंध में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

शिक्षा विभाग ने जिले के सभी शासकीय विद्यालयों को निर्देशित किया है कि किसी भी बाहरी संस्था को विद्यालय परिसर में कार्य करने की अनुमति देने से पहले उसके दस्तावेजों और विभागीय स्वीकृति की अनिवार्य रूप से जांच करें। बिना सक्षम अनुमति किसी भी संस्था को विद्यालयों में प्रवेश या गतिविधि संचालित करने की अनुमति न दी जाए।

जिला परियोजना समन्वयक के इस स्पष्ट बयान के बाद शिक्षा विभाग ने संकेत दिए हैं कि जिले में विद्यालयों में कार्य करने वाली संस्थाओं की गतिविधियों की भी समीक्षा की जाएगी, ताकि सभी कार्य शासन के निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुरूप संचालित हों तथा विद्यार्थियों के हितों की पूरी तरह सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।