एनर्जी ड्रिंक के दावों पर FSSAI सख्त, 14 कंपनियों को भेजा नोटिस

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने भ्रामक दावे करने के आरोप में 14 खाद्य एवं पेय कंपनियों को नोटिस जारी किया है। इनमें छह ऐसे ब्रांड शामिल हैं जो अपने उत्पादों को “एनर्जी ड्रिंक” बताकर प्रचारित कर रहे थे। FSSAI ने स्पष्ट किया है कि भारत के खाद्य नियमों में “एनर्जी ड्रिंक” नाम की कोई अलग अधिसूचित खाद्य श्रेणी नहीं है। फिलहाल यह कार्रवाई नोटिस तक सीमित है और उत्पादों की बिक्री पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।

Jul 4, 2026 - 17:45
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एनर्जी ड्रिंक के दावों पर FSSAI सख्त, 14 कंपनियों को भेजा नोटिस

UNITED NEWS OF ASIA. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य एवं पेय उद्योग में भ्रामक दावों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए 14 कंपनियों को नोटिस जारी किया है। इनमें छह प्रमुख पेय ब्रांड भी शामिल हैं, जिन पर अपने उत्पादों को “एनर्जी ड्रिंक” के रूप में प्रचारित करने का आरोप है। FSSAI का कहना है कि भारत के मौजूदा खाद्य नियमों के तहत “एनर्जी ड्रिंक” नाम की कोई अलग अधिसूचित खाद्य श्रेणी मौजूद नहीं है।

प्राधिकरण के अनुसार, कई कंपनियां अपने उत्पादों के लेबल और प्रचार सामग्री में ऐसे दावे कर रही हैं जो खाद्य नियमों के अनुरूप नहीं हैं। इसी आधार पर संबंधित कंपनियों को स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। FSSAI ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं को किसी उत्पाद के गुणों या प्रभाव के बारे में भ्रमित करने वाले दावे स्वीकार्य नहीं हैं।

जानकारी के अनुसार, कुल 14 कंपनियों को भेजे गए नोटिस में आठ कंपनियां ऐसी हैं जिन पर अपने खाद्य उत्पादों के नाम या विज्ञापनों में भ्रामक दावे करने का आरोप है। वहीं छह पेय ब्रांड ऐसे हैं जो अपने उत्पादों को “एनर्जी ड्रिंक” के रूप में प्रचारित कर रहे थे। प्राधिकरण का कहना है कि ऐसे दावों की वैधता खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुसार परखी जाएगी।

FSSAI ने यह भी स्पष्ट किया है कि फूड कैटेगरी सिस्टम का उद्देश्य केवल खाद्य उत्पादों का वर्गीकरण करना है। इसका उपयोग किसी उत्पाद का नाम निर्धारित करने या विशेष स्वास्थ्य अथवा प्रदर्शन संबंधी दावा करने के लिए नहीं किया जा सकता। इसलिए किसी उत्पाद पर “एनर्जी ड्रिंक” जैसे शब्दों का उपयोग स्वतः किसी विशेष श्रेणी या लाभ का प्रमाण नहीं माना जाएगा।

प्राधिकरण ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया माध्यमों से भी उपभोक्ताओं को इस विषय में जानकारी दी है। FSSAI का कहना है कि खाद्य उत्पादों की लेबलिंग और विज्ञापन पूरी तरह पारदर्शी तथा नियमों के अनुरूप होने चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं को सही जानकारी मिल सके और वे भ्रमित न हों।

हालांकि FSSAI ने यह भी स्पष्ट किया है कि नोटिस जारी करने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित उत्पादों की बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया गया है। फिलहाल यह नियामकीय प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनियों से जवाब मांगा गया है। प्राप्त स्पष्टीकरण और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम का उद्देश्य खाद्य उद्योग में पारदर्शिता बढ़ाना, भ्रामक दावों पर रोक लगाना और उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करना है। इससे भविष्य में कंपनियों को अपने उत्पादों की लेबलिंग और प्रचार सामग्री तैयार करते समय खाद्य सुरक्षा नियमों का अधिक सावधानी से पालन करना होगा।