रायपुर में शुरू हुआ चिंतन शिविर 3.0, विकसित छत्तीसगढ़ के विजन पर करेगा मंत्रिमंडल मंथन

रायपुर स्थित आईआईएम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में दो दिवसीय चिंतन शिविर 3.0 की शुरुआत हुई। शिविर में पूरा मंत्रिमंडल हिस्सा ले रहा है। सुशासन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नेतृत्व, निवेश, ग्रामीण विकास और जनकेंद्रित प्रशासन जैसे विषयों पर देश के विशेषज्ञ मंत्रियों का मार्गदर्शन करेंगे।

Jul 4, 2026 - 17:32
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रायपुर में शुरू हुआ चिंतन शिविर 3.0, विकसित छत्तीसगढ़ के विजन पर करेगा मंत्रिमंडल मंथन

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक क्षमता, नेतृत्व कौशल और सुशासन को नई दिशा देने के उद्देश्य से रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) में दो दिवसीय चिंतन शिविर 3.0 की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में राज्य का पूरा मंत्रिमंडल भाग ले रहा है। शिविर का उद्देश्य बदलते समय की चुनौतियों के अनुरूप शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, तकनीक आधारित और जनकेंद्रित बनाना है।

चिंतन शिविर में शासन-प्रशासन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सात अलग-अलग सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ, नीति निर्माता और विषय विशेषज्ञ मंत्रियों के साथ अपने अनुभव साझा करेंगे। कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, भविष्य की चुनौतियों को समझने और विकास की नई रणनीति तैयार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

पहले दिन आध्यात्मिक गुरु गौर गोपाल दास नेतृत्व, जीवन मूल्यों और प्रभावी निर्णय क्षमता जैसे विषयों पर मार्गदर्शन देंगे। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, भविष्य की शासन व्यवस्था, सार्वजनिक नीति, निवेश, नवाचार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था जैसे विषयों पर भी विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। सरकार का मानना है कि नई तकनीकों और आधुनिक प्रबंधन पद्धतियों को अपनाकर प्रशासन को अधिक परिणाममुखी बनाया जा सकता है।

दूसरे दिन की शुरुआत योग सत्र से होगी। इसके बाद पर्यटन विकास, सुशासन, नेतृत्व विकास, सार्वजनिक नीति और जनकेंद्रित प्रशासन पर विभिन्न विशेषज्ञों के व्याख्यान होंगे। इन सत्रों का उद्देश्य मंत्रियों को बदलती प्रशासनिक आवश्यकताओं, आधुनिक तकनीकों और प्रभावी नीति निर्माण के बारे में व्यवहारिक दृष्टिकोण प्रदान करना है।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि समय के साथ शासन व्यवस्था में भी निरंतर सीखने और स्वयं को अद्यतन रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि बेहतर क्रियान्वयन और परिणामों पर भी समान रूप से ध्यान दे रही है। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में भी ऐसे चिंतन शिविर आयोजित किए जाएंगे।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इसे छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा में एक दूरदर्शी पहल बताया। उन्होंने कहा कि देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों से मिलने वाला मार्गदर्शन बेहतर नीति निर्माण, प्रभावी निर्णय क्षमता और जनहित में योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उनके अनुसार यह शिविर केवल मंत्रियों के प्रशिक्षण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ के दीर्घकालिक विजन को आकार देने का मंच है।

सरकार का मानना है कि प्रशासनिक अनुभव, आधुनिक तकनीक, नवाचार और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन के समन्वय से राज्य में सुशासन को नई मजबूती मिलेगी तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप नीतियां तैयार करने में सहायता प्राप्त होगी।