चांदामेटा में साइबर सेफ–क्लिक अभियान 2.0 के तहत जागरूकता चौपाल, पुलिस ने दिए ऑनलाइन सुरक्षा के टिप्स

छिंदवाड़ा जिले के चांदामेटा बाजार में साइबर सेफ–क्लिक अभियान 2.0 के तहत पुलिस ने जन-जागरूकता चौपाल का आयोजन किया। कार्यक्रम में नागरिकों को साइबर ठगी के नए तरीकों, ऑनलाइन सुरक्षा उपायों और साइबर अपराध होने पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

Jul 4, 2026 - 17:07
Jul 4, 2026 - 17:09
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चांदामेटा में साइबर सेफ–क्लिक अभियान 2.0 के तहत जागरूकता चौपाल, पुलिस ने दिए ऑनलाइन सुरक्षा के टिप्स

UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञ राज पटेल, छिंदवाड़ा l छिंदवाड़ा जिले के चांदामेटा बाजार में साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से साइबर सेफ–क्लिक अभियान 2.0 के अंतर्गत विशेष जन-जागरूकता चौपाल का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में आम नागरिकों, व्यापारियों और युवाओं को साइबर ठगी के नए तरीकों से बचाव की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान एसडीओपी जितेंद्र सिंह जाट ने पुलिस टीम के साथ चांदामेटा बाजार चौक में चौपाल लगाकर लोगों से सीधे संवाद किया। उन्होंने सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से बताया कि साइबर अपराधी किस प्रकार लोगों को फर्जी लिंक, ऑनलाइन ऑफर, डिजिटल अरेस्ट, निवेश योजनाओं और अन्य तरीकों से ठगी का शिकार बनाते हैं।

जागरूकता कार्यक्रम में कई नागरिकों ने अपने अनुभव भी साझा किए। कुछ लोगों ने बस टिकट बुकिंग के नाम पर हुई ऑनलाइन ठगी की जानकारी दी, जबकि अन्य ने फर्जी लिंक भेजकर पैसे निकलवाने और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों का उल्लेख किया। पुलिस ने इन वास्तविक घटनाओं को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी।

पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को बताया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और कभी भी अपना ओटीपी, बैंक खाता विवरण, यूपीआई पिन या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। इसके अलावा डिजिटल अरेस्ट, सेक्सटॉर्शन, फर्जी कस्टमर केयर, ऑनलाइन जॉब ऑफर, निवेश योजनाएं, केवाईसी अपडेट, स्क्रीन शेयरिंग ऐप और सोशल मीडिया हैकिंग जैसे साइबर अपराधों से सावधान रहने की अपील की गई।

कार्यक्रम में साइबर अपराध होने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने की प्रक्रिया भी बताई गई। नागरिकों को राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तत्काल कॉल करने और आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि को वापस पाने की संभावना बढ़ जाती है।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई। नागरिकों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं जागरूक रहेंगे, अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करेंगे तथा किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देंगे।

छिंदवाड़ा पुलिस ने कहा कि साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए केवल कानूनी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि जन-जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है। पुलिस का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को डिजिटल रूप से जागरूक बनाना है ताकि साइबर अपराधों को होने से पहले ही रोका जा सके। पुलिस ने सभी नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की अपील की है।