घर के सामने अतिक्रमण हटाने की मांग, किसान ने प्रशासन से लगाई गुहार
छिंदवाड़ा जिले के चौरई तहसील अंतर्गत ग्राम मछीवाड़ा के एक किसान ने अपने मकान के सामने कथित अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर प्रशासन से कार्रवाई की गुहार लगाई है। किसान का आरोप है कि शिकायतों और आवेदन के बावजूद अब तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिससे परिवार को आवागमन और सुरक्षा संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मामले में संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञ राज सिंह पटेल, छिंदवाड़ा l छिंदवाड़ा जिले की चौरई तहसील के ग्राम मछीवाड़ा निवासी किसान प्रीतम सनोदिया ने अपने मकान के सामने कथित अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर प्रशासन से कार्रवाई की गुहार लगाई है। किसान का आरोप है कि उसके घर के सामने सड़क की भूमि पर स्थायी रूप से ठेला और गुमटी रखकर अतिक्रमण किया गया है, जिससे उसके परिवार को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किसान का कहना है कि घर के सामने मार्ग संकरा हो जाने के कारण आवागमन बाधित हो रहा है और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। उनका आरोप है कि संबंधित व्यक्ति द्वारा लगाए गए ठेले और गुमटी के आसपास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे परिवार के सदस्य विशेषकर महिलाएं और बच्चे असुरक्षित महसूस करते हैं।
पीड़ित किसान का दावा है कि इस मामले की शिकायत पुलिस थाना चौरई, तहसील कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी, कलेक्टर कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय तथा जनसुनवाई के माध्यम से भी की जा चुकी है। किसान के अनुसार तहसीलदार द्वारा स्थगन आदेश जारी किए जाने के बावजूद कथित अतिक्रमण नहीं हटाया गया।
किसान ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने संबंधित व्यक्ति से अतिक्रमण हटाने की बात की तो उन्हें अपशब्द कहे गए और जान से मारने की धमकी दी गई। उनका कहना है कि देर रात तक कथित रूप से लोगों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे परिवार के सदस्यों का घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। इसके कारण आसपास गंदगी और अव्यवस्था की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है।
पीड़ित किसान ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध अतिक्रमण को तत्काल हटाया जाए तथा भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए भी प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होने पर किसी अप्रिय घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल इस मामले में संबंधित व्यक्ति तथा प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि प्रशासन शिकायत की जांच के बाद क्या कार्रवाई करता है।