ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की जमीनी हकीकत परखी, जिला पंचायत सीईओ ने गोबर गैस प्लांटों का किया निरीक्षण
कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा क्षेत्र में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के क्रियान्वयन का जायजा लिया। उन्होंने गोबर गैस प्लांट, कचरा प्रबंधन व्यवस्था और स्वच्छता गतिविधियों का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए तथा ग्रामीणों से स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने की अपील की।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l कबीरधाम जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन और स्वच्छ कबीरधाम अभियान की प्रगति का जायजा लेने के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने सहसपुर लोहारा जनपद पंचायत के विभिन्न ग्रामों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायतों में संचालित गोबर गैस प्लांट, कचरा संग्रहण व्यवस्था, प्लास्टिक यूनिट, फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट तथा अन्य स्वच्छता गतिविधियों का अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान बिरेंद्रनगर और कुटकीपारा सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों में संचालित सामुदायिक गोबर गैस प्लांटों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई। अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि गोबर गैस प्लांट ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकते हैं और भविष्य में यह 'वेस्ट टू एनर्जी' मॉडल गांवों के लिए गेमचेंजर साबित होगा। उन्होंने ग्राम पंचायतों, स्कूल प्रबंधन समितियों और हितग्राहियों को प्लांट के लिए नियमित रूप से गोबर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि गैस उत्पादन सुचारू रूप से जारी रह सके।
उन्होंने गोबर गैस का उपयोग आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में मध्यान्ह भोजन तैयार करने के लिए करने की संभावनाओं पर भी जोर दिया। इसके लिए आवश्यक पाइपलाइन विस्तार करने के निर्देश संबंधित ग्राम पंचायतों को दिए गए। साथ ही प्लांट से निकलने वाली स्लरी का उपयोग जैविक खाद के रूप में करने पर भी बल दिया गया, जिससे किसानों को प्राकृतिक खेती में लाभ मिल सके।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि अधिकांश ग्राम पंचायतों में घर-घर जाकर गीले और सूखे कचरे का पृथक संग्रहण किया जा रहा है। स्वच्छता दीदियों द्वारा किए जा रहे कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए सीईओ ने ग्रामीणों को नियमित रूप से यूजर चार्ज जमा करने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि 10 जुलाई तक सभी 60 ग्राम पंचायतों में घर-घर कचरा पृथक्करण का सत्यापन पूरा किया जाएगा।
अभिषेक अग्रवाल ने निर्देश दिए कि 15 जुलाई 2026 से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। खुले में कचरा फेंकने या जलाने वालों के खिलाफ ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के माध्यम से नियमानुसार जुर्माना वसूला जाएगा। उन्होंने ग्राम पंचायतों में स्वच्छता जागरूकता के लिए किए गए नारा लेखन और वॉल पेंटिंग की सराहना करते हुए कहा कि "मेरा कचरा-मेरी जिम्मेदारी" जैसे संदेश लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ा रहे हैं।
निरीक्षण के अंत में उन्होंने ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, सचिवों, स्वच्छता दीदियों और ग्रामीणों से स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक भागीदारी से ही स्वच्छ और स्वस्थ गांवों का निर्माण संभव है।