स्वेच्छानुदान राशि वितरण की जांच के लिए सौसर पहुंची EOW, वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की पड़ताल शुरू

सौसर विधायक की स्वेच्छानुदान राशि वितरण में कथित वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत पर ईओडब्ल्यू जबलपुर की टीम ने जांच शुरू कर दी है। नगर पालिका कार्यालय में दस्तावेजों की जांच, हितग्राहियों के बयान और बैंक लेनदेन की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि होना बाकी है।

Jul 7, 2026 - 18:37
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स्वेच्छानुदान राशि वितरण की जांच के लिए सौसर पहुंची EOW, वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की पड़ताल शुरू

UNITED NEWS OF ASIA. रिंटू खान, सौसर l पांढुरना जिले के सौसर में विधायक स्वेच्छानुदान राशि के वितरण में कथित वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत के बाद आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जबलपुर की टीम ने जांच शुरू कर दी है। टीम के अचानक सौसर पहुंचने से नगर पालिका कार्यालय और राजनीतिक गलियारों में हलचल का माहौल देखा गया। फिलहाल ईओडब्ल्यू पूरे मामले से जुड़े दस्तावेजों, बैंक लेनदेन और संबंधित व्यक्तियों के बयानों की जांच कर रही है।

जानकारी के अनुसार गरीब, बीमार और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की सहायता के लिए स्वीकृत स्वेच्छानुदान राशि के वितरण में गड़बड़ी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सहायता राशि का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाने के बजाय कथित रूप से कुछ करीबी लोगों और चुनिंदा हितग्राहियों को दिया गया। इन्हीं आरोपों के आधार पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने प्रारंभिक जांच शुरू की है।

ईओडब्ल्यू की टीम ने नगर पालिका कार्यालय को जांच केंद्र बनाकर हितग्राहियों, व्यापारियों और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। साथ ही स्वेच्छानुदान से जुड़े दस्तावेजों और बैंक खातों के लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि राशि वितरण की पूरी प्रक्रिया का सत्यापन किया जा सके।

जांच के दौरान विधायक विजय चौरे के निजी सचिव चंदू गणोरकर से भी पूछताछ की गई। टीम ने उनसे स्वेच्छानुदान राशि के वितरण की प्रक्रिया और संबंधित अभिलेखों के संबंध में जानकारी ली। इसके अलावा शिकायतकर्ताओं और अन्य संबंधित पक्षों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

ईओडब्ल्यू की कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, जांच एजेंसी की ओर से अभी तक किसी प्रकार का आधिकारिक निष्कर्ष या कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है। मामले में दर्ज शिकायतों की सत्यता की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है। आरोपों की पुष्टि या खंडन ईओडब्ल्यू की विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद ही यह तय होगा कि शिकायतों में कितना तथ्य है और क्या किसी प्रकार की अनियमितता हुई है।