आरंग में 14–15 जनवरी को होगा भव्य राजा मोरध्वज महोत्सव 2026, कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी के नेतृत्व में ऐतिहासिक आयोजन
धर्मनगरी आरंग में 14 और 15 जनवरी 2026 को भव्य राजा मोरध्वज महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री एवं आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब जी के नेतृत्व में होने वाले इस दो दिवसीय महोत्सव में प्रसिद्ध कवि डॉ. कुमार विश्वास मुख्य आकर्षण होंगे। आयोजन का उद्देश्य आरंग की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाना है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, आरंग/रायपुर। धर्मनगरी आरंग की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित करने तथा उसे राष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से आगामी 14 एवं 15 जनवरी 2026 को भव्य ‘राजा मोरध्वज महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब जी के नेतृत्व में आयोजित होगा, जिसे लेकर नगर सहित पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।
आरंग में आयोजित सर्वसमाज की बैठक में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने महोत्सव की आधिकारिक घोषणा करते हुए नगर के सभी सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों एवं नागरिकों से इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि राजा मोरध्वज की यह पावन धरती दानवीरता, त्याग और गौरवशाली इतिहास की प्रतीक है, जिसे देशभर तक पहुँचाना हमारा सामूहिक दायित्व है।
दो दिवसीय इस महोत्सव में आरंग की प्राचीन संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर, लोककला और परंपराओं की भव्य प्रस्तुति देखने को मिलेगी। महोत्सव के दूसरे दिन 15 जनवरी को देश के सुप्रसिद्ध कवि डॉ. कुमार विश्वास अपनी विशेष काव्य प्रस्तुति देंगे, जो इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण होगा। उनके काव्य पाठ से न केवल साहित्य प्रेमी, बल्कि युवा वर्ग भी प्रेरित होगा।
इस गरिमामयी समारोह में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधि एवं प्रदेश की कई नामचीन हस्तियों की उपस्थिति प्रस्तावित है। महोत्सव के दौरान आरंग क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को ‘अलंकरण सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही आरंग एवं आसपास के ग्रामीण अंचलों के कलाकारों को अपनी लोकनृत्य, लोकगीत, नाट्य और अन्य कला विधाओं के प्रदर्शन के लिए एक बड़ा मंच प्रदान किया जाएगा।
बैठक को संबोधित करते हुए गुरु खुशवंत साहेब जी ने कहा, “इस महोत्सव के माध्यम से हम नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना चाहते हैं। यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि आरंग की सांस्कृतिक अस्मिता को सहेजने का संकल्प है।”
उन्होंने विश्वास जताया कि इस आयोजन से स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और आरंग की पहचान राष्ट्रीय पटल पर और अधिक सशक्त रूप में स्थापित होगी। महोत्सव की तैयारियों को लेकर प्रशासन एवं स्थानीय समितियों ने तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। बैठक में आरंग के सभी समाजों के प्रमुख, प्रतिनिधिगण एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।