साहिबजादों की वीरता गाथा अब पाठ्यक्रम में शामिल, वीर बाल दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुद्वारे में किया नमन
वीर बाल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर रेलवे स्टेशन गुरुद्वारे में मत्था टेककर साहिबजादा बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की शहादत को नमन किया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि साहिबजादों की बलिदान गाथाएं एनसीईआरटी के कक्षा 3 के पाठ्यक्रम में शामिल की गई हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर | वीर बाल दिवस के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित रेलवे स्टेशन गुरुद्वारा पहुँचकर दशम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे पुत्र साहिबजादा बाबा जोरावर सिंह जी एवं साहिबजादा बाबा फतेह सिंह जी की अद्वितीय वीरता और शहादत को नमन करते हुए श्रद्धापूर्वक मत्था टेका।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रथम गुरु गुरु नानक देव जी से लेकर दशम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी तक, सिख धर्म के सभी गुरुओं और उनके परिवारों ने देश, धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व अर्पित किया। भारतीय इतिहास में सिख वीरों का योगदान अतुलनीय है, जिन्होंने राष्ट्र की अस्मिता और आत्मसम्मान की रक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर बाल दिवस, गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों की असाधारण वीरता, धर्मनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। उनकी शहादत को चिरस्थायी स्मरण देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रत्येक वर्ष 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाने की शुरुआत की गई, जिसे आज पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अत्यंत अल्प आयु में भी साहिबजादों ने अन्याय, अत्याचार और धर्मांतरण के दबाव के सामने झुकने से इनकार किया और सत्य तथा धर्म की रक्षा के लिए हंसते-हंसते बलिदान दे दिया। उनका जीवन यह संदेश देता है कि साहस, सत्य और आत्मसम्मान ही जीवन की सबसे बड़ी शक्ति हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि सिख समाज की मांग पर राज्य सरकार द्वारा साहिबजादों की बलिदान गाथाओं को शैक्षणिक पाठ्यक्रम (NCERT) में शामिल किया गया है, जिसे कक्षा तीसरी के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा। इससे आने वाली पीढ़ियों को साहिबजादों के शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के अनेक महान वीर बलिदानों को इतिहास में वह स्थान नहीं मिल पाया, जिसके वे वास्तविक अधिकारी थे। वीर बाल दिवस की घोषणा कर सरकार इन अमर शौर्य गाथाओं को समाज के जन-जन तक पहुँचाने का कार्य कर रही है। उन्होंने राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि हाल ही में आयोजित वीर बाल रैली में हजारों बच्चों की सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि नई पीढ़ी में भी वही वीरता और संस्कार रोपे जा रहे हैं।
इस अवसर पर क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, स्काउट गाइड आयुक्त इंद्रजीत सिंह गोल्डी, गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह छाबड़ा, दलजीत चावला सहित सिख समाज के अनेक प्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।