प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से धुआँ मुक्त हुई महिलाओं की रसोई, धनाइया पटेल को मिली सुविधा
कबीरधाम जिले की धनाइया पटेल को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत निःशुल्क गैस कनेक्शन और चूल्हा मिला। अब उनकी रसोई धुआँ मुक्त है, जिससे स्वास्थ्य, समय और आत्मसम्मान सुरक्षित हुआ। यह योजना जिले की हजारों महिलाओं की जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव ला रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. कबीरधाम | जिले की ग्राम सौगना निवासी धनाइया पटेल की रसोई अब पूरी तरह धुआँ मुक्त हो गई है। यह बदलाव प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत उन्हें निःशुल्क गैस कनेक्शन, सिलेंडर और चूल्हा मिलने से संभव हुआ। पहले लकड़ी से खाना बनाना कठिनाई भरा कार्य था। बरसात के दिनों में लकड़ी भीग जाती थी, आग जलाने में समय लगता और रसोई धुएँ से भर जाती थी। धुएँ के कारण उनकी आंखों में जलन होती थी और स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता था।
धनाइया पटेल बताती हैं कि अब एक चिंगारी में चूल्हा जल जाता है और खाना जल्दी तैयार हो जाता है। रसोई में न धुआँ है और न आंखों में जलन। बच्चों को भूख लगने पर तुरंत भोजन तैयार हो जाता है। लकड़ी इकट्ठा करने की परेशानी और धुएँ से जूझने की मजबूरी अब समाप्त हो गई है। उनका कहना है कि उज्ज्वला योजना ने उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी को आसान, सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक बना दिया है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना केवल गैस कनेक्शन नहीं देती, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य, समय और सम्मान को भी संरक्षित करती है। यह पहल महिलाओं को आधुनिक रसोई सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार करती है। कबीरधाम जिले में हजारों महिलाओं ने इस योजना से लाभ प्राप्त किया है और उनकी रसोई अब सुरक्षित और स्वच्छ बन गई है।
स्थानीय पंचायत के माध्यम से आवेदन करने के बाद धनाइया पटेल सहित कई महिलाओं को योजना के लाभ मिले हैं। इस योजना के माध्यम से महिलाएं अब धुएँ और लकड़ी के कारण होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों से बच रही हैं और अपने परिवारों के लिए समय और ऊर्जा की बचत कर रही हैं।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना छत्तीसगढ़ में ग्रामीण महिलाओं की जीवनशैली बदलने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। इस योजना ने यह सिद्ध कर दिया है कि तकनीकी सुविधा और सरकार की योजनाएँ मिलकर महिलाओं को सशक्त और सुरक्षित जीवन प्रदान कर सकती हैं।