कलेक्टर गोपाल वर्मा ने दशरंगपुर धान खरीदी केन्द्र का निरीक्षण किया, जिले के सभी पात्र किसानों का धान खरीदा जाएगा
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने दशरंगपुर धान खरीदी केन्द्र का निरीक्षण किया और निर्देश दिए कि जिले के सभी पात्र किसानों का धान खरीदा जाएगा। उन्होंने तकनीकी या पंजीयन समस्याओं से प्रभावित किसानों की सूची तैयार करने एवं प्राथमिकता से समाधान करने के आदेश दिए। निरीक्षण में धान की स्टैकिंग, गुणवत्ता और रकबा समर्पण की समीक्षा की गई।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा | जिले में धान खरीदी की प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए कलेक्टर गोपाल वर्मा ने आज दशरंगपुर धान खरीदी केन्द्र का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के सभी पात्र किसानों का धान खरीदा जाएगा और किसी भी किसान का धान खरीदी से छूटने नहीं पाए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पंजीयन, तकनीकी त्रुटि या अन्य कारणों से धान बेचने में समस्या आने वाले किसानों की जानकारी ली। खाद्य अधिकारी ने बताया कि दशरंगपुर केन्द्र में तकनीकी कारणों से दो किसानों के धान खरीदने में असुविधा आ रही थी। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी धान खरीदी केन्द्रों में ऐसे किसानों की पहचान कर समिति-वार एवं केन्द्र-वार सूची तैयार की जाए। सूची में स्पष्ट रूप से यह उल्लेख किया जाएगा कि किन कारणों से किसान धान बेचने में असमर्थ हैं, जैसे कि कैरी फॉरवर्ड, रकबा संशोधन, नया पंजीयन या एग्रीस्टेक से संबंधित समस्या।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सूची तैयार कर उच्च स्तर पर भेजी जाए, ताकि शासन स्तर पर समाधान किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि नोडल अधिकारी एवं तहसीलदार सुनिश्चित करें कि किसी भी किसान का धान विक्रय से छूट न जाए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने धान की स्टैकिंग व्यवस्था, गुणवत्ता और उठाव की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अधिक से अधिक रकबा समर्पण कराया जाए ताकि धान खरीदी प्रक्रिया निरंतर चलती रहे। खाद्य अधिकारी सचिन मरकाम ने बताया कि अब तक जिले के 21,058 किसानों ने 623.2374 हेक्टेयर रकबा समर्पित किया है।
कार्यक्रम में सीसीबी नोडल आरपी मिश्रा, खाद्य निरीक्षक अमित द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने इस अवसर पर किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान एवं धान खरीदी की पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया।
इस पहल से कवर्धा जिले के किसानों को लाभ मिलेगा और धान खरीदी प्रक्रिया समयबद्ध, सुचारू और निष्पक्ष रूप से संचालित होगी।