छपारा में अनुभूति कार्यक्रम: छात्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जंगल संरक्षण का संदेश फैलाया
छपारा वन परिक्षेत्र में व्रत भीमगढ़ सरांडिया बीट में आयोजित वार्षिक अनुभूति कार्यक्रम में शासकीय विद्यालयों के छात्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम में बच्चों को स्थानीय वृक्षों की प्रजातियों और वन्यजीव संरक्षण के महत्व से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि और वन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
UNITED NEWS OF ASIA.आरिफ मोहम्मद, सिवनी | जिले के छपारा वन परिक्षेत्र अंतर्गत व्रत भीमगढ़ सरांडिया बीट में वर्ष 2026 का वार्षिक अनुभूति कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय शासकीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और वन एवं वन्य प्राणियों के संरक्षण तथा संवर्धन के महत्व को समझा।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में प्रकृति और जंगल के प्रति जागरूकता पैदा करना था। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि जैसे शिवाकांत सिंह ठाकुर (उपाध्यक्ष नगर परिषद छपारा), सदम सिंह बरकड़े (अध्यक्ष जनपद पंचायत छपारा), तौफीक खान (जनपद पंचायत सदस्य) और आरिफ खान (अध्यक्ष ग्राम पंचायत समिति बरबसपुर) उपस्थित रहे।
शिक्षा एवं प्रशिक्षण का महत्व
कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर्स अनुराधा ठाकुर और शिवानी बघेल ने बच्चों को स्थानीय वृक्षों की प्रजातियों, उनके उपयोग और महत्व के बारे में बताया। बच्चों को बताया गया कि किस प्रकार पेड़-पौधे जीवन में आवश्यक हैं और कैसे उनका संरक्षण कर वन्यजीवों की रक्षा की जा सकती है।
कार्यक्रम की थीम “हम हैं जंगल के दूत” पर आधारित थी, जिसमें छात्र-छात्राओं ने नाट्य, गायन और चित्रकला सहित विविध गतिविधियों में भाग लिया। इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में पर्यावरण संरक्षण की भावना जागृत हुई और उन्होंने प्रतिज्ञा ली कि वे जंगल और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशील रहेंगे।
वन विभाग एवं स्थानीय सहयोग
संपूर्ण कार्यक्रम में गोपाल सिंह (मंडल अधिकारी लखनादौन), महेंद्र सिंह जयंत (वन मंडल अधिकारी छपारा), सामान्य परिक्षेत्र सहायक नरेश कुमार डेहरिया, इनवाती ऋषि कुमार पंद्रे, और अन्य वनकर्मी सक्रिय रूप से सहयोग करते रहे। वन विभाग के अधिकारियों ने बच्चों एवं विद्यालय प्रतिनिधियों का सम्मान करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम के समापन पर माननीय वन मंडल अधिकारी छपारा ने सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों, विद्यालय प्रतिनिधियों और सहभागी छात्रों को आभार व्यक्त किया। इस तरह के कार्यक्रम न केवल बच्चों में प्रकृति और जंगल के प्रति जागरूकता पैदा करते हैं, बल्कि समुदाय में वन संरक्षण की भावना को भी प्रबल करते हैं।