सक्ति जिले में वन संरक्षण की अवहेलना: अवैध पेड़ कटाई और आरा मिल संचालकों की मिलीभगत पर उठे सवाल
सक्ति जिले के हसौद और आसपास के क्षेत्रों में आरा मिल संचालक अवैध तरीके से पेड़ों की कटाई कर पर्यावरण को नुकसान पहुँचा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने वन विभाग और प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाया है।
UNITED NEWS OF ASIA. शक्ति कुर्रे, छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वन और पर्यावरण संरक्षण के नियमों की लगातार अवहेलना हो रही है। हसौद और आसपास के क्षेत्रों में आरा मिल संचालक लाखों की अवैध लकड़ी कटाई कर व्यापार कर रहे हैं, जिससे स्थानीय पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, आरा मिल संचालक शासकीय और प्रतिबंधित पेड़ों की कटाई खुलेआम कर रहे हैं। इसके लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली का उपयोग करते हैं, जिनमें अक्सर नंबर प्लेट नहीं लगी होती या उसे बदल दिया जाता है। इससे किसी भी दुर्घटना या अवैध गतिविधि के समय जिम्मेदारी लेने से बचा जा सकता है।
हसौद रेस्ट हाउस के पीछे लाखों टन पेड़ लावारिस की तरह काटे जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद वन विभाग और पुलिस अधिकारी कार्रवाई करने में निष्क्रिय हैं। इसके चलते अवैध लकड़ी कटाई की गतिविधि तेजी से बढ़ रही है।
क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत के कारण आरा मिल संचालक बेखौफ काम कर रहे हैं। यह केवल पर्यावरण के लिए खतरा नहीं, बल्कि स्थानीय वन संपदा और जैव विविधता के लिए भी गंभीर समस्या बन गया है। हरे पेड़ों की कटाई से मिट्टी क्षरण, जलवायु परिवर्तन और स्थानीय जीवन पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध आरा मिल संचालन और पेड़ कटाई पर तुरंत रोक लगाई जाए। साथ ही जिन अधिकारियों की मिलीभगत से यह कारोबार जारी है, उनकी जांच और कार्रवाई की जानी चाहिए।
सक्ति जिले में वन संरक्षण की यह समस्या यह सवाल खड़ा करती है कि क्या प्रशासन गंभीरता से इस पर ध्यान देगा या अवैध लकड़ी कटाई और पर्यावरणीय नुकसान की यह प्रक्रिया अनवरत जारी रहेगी। स्थानीय लोग अब सक्रिय और ठोस कदम उठाने की उम्मीद कर रहे हैं।