आमदई माइंस की सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों और निको प्रबंधन की बैठक
नारायणपुर जिले के छोटेडोंगर क्षेत्र में आमदई माइंस प्रभावित इलाके में सड़क निर्माण को लेकर चार पंचायतों के ग्रामीणों और निको माइंस प्रबंधन के बीच बैठक हुई। ग्रामीणों ने बिना सूचना जंगल क्षेत्र में सड़क निर्माण कराने पर सवाल उठाए। प्रबंधन ने नक्शा दिखाकर बताया कि सड़क आमदई आयरन माइंस की लीज पहाड़ी क्षेत्र में ड्रिल मशीन ले जाने के लिए बनाई जा रही है और इसके लिए संबंधित अनुमति ली गई है। बैठक में स्थानीय रोजगार और गांवों के विकास से जुड़े मुद्दे भी उठे।
UNITED NEWS OF ASIA. संतोष मजुमदार, नारायणपुर l जिले के ओरछा मार्ग स्थित ग्राम पंचायत राजपुर में आमदई माइंस प्रभावित क्षेत्र में सड़क निर्माण को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों और निको माइंस प्रबंधन के बीच बैठक हुई। सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। राजपुर, रायनार, धनोरा और चमेली पंचायतों के सरपंच, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सड़क पर ही बैठक कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनकी ग्राम पंचायतों को बिना किसी पूर्व सूचना के जंगल क्षेत्र के बीच सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि उन्हें यह जानकारी नहीं दी गई कि सड़क किस योजना के तहत बनाई जा रही है और इसके निर्माण का उद्देश्य क्या है। इसको लेकर ग्रामीणों ने निको माइंस प्रबंधन के साथ ही राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों से भी जवाब मांगा।
बैठक के दौरान निको कंपनी के सहायक महाप्रबंधक एच.एन. झा ने ग्रामीणों के समक्ष आमदई माइंस का नक्शा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि यह सड़क आमदई आयरन माइंस के 192 हेक्टेयर लीज पहाड़ी क्षेत्र के अंतर्गत बनाई जा रही है। प्रबंधन के अनुसार, सड़क का निर्माण आमदई माइंस पहाड़ी क्षेत्र में ड्रिल मशीन ले जाने के लिए किया जा रहा है।
निको प्रबंधन ने ग्रामीणों को बताया कि यह केवल एक पगडंडी सड़क है। प्रबंधन का दावा है कि इसके निर्माण के लिए शासन और संबंधित पंचायत से आवश्यक अनुमति ली जा चुकी है। बैठक के दौरान प्रबंधन ने सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट की और निर्माण के उद्देश्य की जानकारी दी।
वहीं प्रभावित चारों पंचायतों के सरपंचों और जनप्रतिनिधियों ने माइंस प्रबंधन से गांवों के विकास को लेकर भी सवाल किए। ग्रामीणों का कहना था कि कंपनी ने क्षेत्र की सात प्रभावित पंचायतों को गोद लिया है, लेकिन इसके बावजूद शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में अपेक्षित ठोस विकास कार्य दिखाई नहीं दे रहे हैं।
बैठक में क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं ने भी अपनी समस्याएं रखीं। स्थानीय युवाओं ने आमदई माइंस में रोजगार देने की मांग की। युवाओं का कहना था कि क्षेत्र में खनन गतिविधियां संचालित होने के बावजूद स्थानीय लोगों को रोजगार के पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने माइंस प्रबंधन से स्थानीय स्तर पर रोजगार को प्राथमिकता देने की मांग रखी।
इस पर निको प्रबंधन की ओर से बताया गया कि अब तक आमदई माइंस में 500 से अधिक स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिया जा चुका है। प्रबंधन ने कहा कि आने वाले समय में माइनिंग कार्य की प्रगति के आधार पर और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के साथ-साथ क्षेत्र के विकास, स्थानीय रोजगार और प्रभावित पंचायतों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। ग्रामीणों और माइंस प्रबंधन के बीच हुई चर्चा के बाद क्षेत्र में सड़क निर्माण और अन्य मुद्दों को लेकर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया गया।