'एक पेड़ माँ के नाम 3.0' अभियान से हरित भविष्य का संकल्प होगा मजबूत : वनमंत्री केदार कश्यप
जगदलपुर में आयोजित जिला स्तरीय वन महोत्सव 2026 के दौरान 'एक पेड़ माँ के नाम 3.0' अभियान के तहत 630 पौधों का रोपण किया गया। वनमंत्री केदार कश्यप ने पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी पर जोर देते हुए हितग्राहियों को ₹35.98 लाख से अधिक की सहायता राशि वितरित की।
UNITED NEWS OF ASIA. जगदलपुर l जिला स्तरीय वन महोत्सव 2026 और 'एक पेड़ माँ के नाम 3.0' अभियान के तहत जगदलपुर स्थित शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने शामिल होकर पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों, पर्यावरण प्रेमियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने पौधारोपण कर हरित भविष्य का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केदार कश्यप ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वच्छ भविष्य की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और मातृत्व के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे केवल पौधे लगाकर ही न रुकें, बल्कि उनके संरक्षण का भी संकल्प लें ताकि लगाए गए पौधे भविष्य में बड़े वृक्ष बन सकें।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण, वन संवर्धन और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। समाज की सक्रिय भागीदारी से ही हरित छत्तीसगढ़ और समृद्ध बस्तर का सपना साकार किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर के लगभग 1.5 एकड़ क्षेत्र में 630 फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। इसके साथ ही आयोजित ग्रीन कैनवास अभियान में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अतिथियों ने हस्ताक्षर कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि यह रही कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स (जिला संघ बस्तर) ने रोपे गए सभी 630 पौधों को गोद लेने का संकल्प लिया। इस पहल की सराहना करते हुए केदार कश्यप ने कहा कि पौधारोपण तभी सफल माना जाएगा, जब पौधों का नियमित संरक्षण किया जाए और वे विकसित होकर पर्यावरण को सुरक्षित बनाने में योगदान दें। उन्होंने इसे समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताया।
इस अवसर पर वन विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत हितग्राहियों को ₹35.98 लाख से अधिक की सहायता राशि और डमी चेक वितरित किए गए। तेंदूपत्ता संग्राहक कल्याण योजना, प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना, मलिक मकबूजा योजना, किसान वृक्ष मित्र योजना तथा मानव-वन्यप्राणी द्वंद्व राहत मद के लाभार्थियों को सहायता प्रदान कर सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाया गया।
कार्यक्रम में बस्तर सांसद महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, महापौर संजय पांडेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी संस्थाओं के प्रतिनिधि, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
वन महोत्सव के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी और वृक्षों के संरक्षण का संदेश प्रभावी ढंग से दिया गया। अभियान के तहत पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की देखरेख और संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया, जिससे आने वाले वर्षों में हरित वातावरण का विस्तार हो सके और पर्यावरण संतुलन को मजबूत बनाया जा सके।