NEET पेपर लीक के विरोध में आम आदमी पार्टी का कैंडल मार्च, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
रायपुर में आम आदमी पार्टी ने कथित NEET पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्या के मुद्दे को लेकर कैंडल मार्च निकाला। पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, निष्पक्ष जांच और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l कथित NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद के विरोध में आम आदमी पार्टी ने राजधानी रायपुर में कैंडल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। यह मार्च अंबेडकर चौक से शुरू होकर शहीद भगत सिंह चौक, शंकर नगर तक निकाला गया। प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आने वाली कथित अनियमितताओं से देशभर के लाखों छात्रों और उनके परिवारों में निराशा और असंतोष बढ़ा है। उनका कहना था कि परीक्षा प्रक्रिया पर लगातार उठ रहे सवालों ने युवाओं के भविष्य और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को प्रभावित किया है।
पार्टी नेताओं ने यह भी दावा किया कि कथित पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की स्थिति के बाद कई छात्र मानसिक तनाव में आ गए। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने छात्रों की आत्महत्या से जुड़े आंकड़ों का उल्लेख करते हुए इसे गंभीर चिंता का विषय बताया और सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस समाचार में नहीं की गई है।
आम आदमी पार्टी के नेताओं ने कहा कि पिछले वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने और परीक्षाएं दोबारा आयोजित किए जाने की घटनाओं ने छात्रों का विश्वास कमजोर किया है। उनका आरोप था कि बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद परीक्षा प्रणाली में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाए हैं।
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवा लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और सरकार को छात्रों की चिंताओं पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। उनका कहना था कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है।
आम आदमी पार्टी ने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दें। साथ ही, कथित परीक्षा अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। पार्टी ने प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने की भी मांग की।
कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता, छात्र और नागरिक शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान सभी ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखीं और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की।
आम आदमी पार्टी का कहना है कि यदि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई और छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो भविष्य में भी लोकतांत्रिक तरीके से जनआंदोलन जारी रखा जाएगा। पार्टी ने केंद्र सरकार से छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की अपील की।