मंत्री राजवाड़े ने कहा कि वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी द्वारा प्रस्तुत यह बजट मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को समर्पित है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश की माताओं, बहनों और बेटियों के आत्मविश्वास को मजबूत करने का ठोस खाका है।
मंत्री ने कहा कि सरकार ने महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन को नीति के केंद्र में रखते हुए समावेशी विकास का स्पष्ट संदेश दिया है। बजट के माध्यम से महिला सशक्तिकरण को सामाजिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर मजबूती प्रदान की गई है।
महिला उद्यमिता को नया आयाम
राजवाड़े ने बताया कि मुख्यमंत्री लखपति दीदी भ्रमण योजना के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को राज्य और देश के सफल आजीविका मॉडलों का अध्ययन, प्रशिक्षण और कौशल उन्नयन का अवसर मिलेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और महिला उद्यमिता को नई दिशा प्राप्त होगी।
सुरक्षित और सशक्त सामाजिक ढांचा
महिलाओं के लिए सुरक्षित, सहयोगात्मक और प्रेरक वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से प्रदेश में 250 महतारी सदनों के निर्माण के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ये महतारी सदन महिला संवाद, प्रशिक्षण, परामर्श और सामाजिक सहयोग के केंद्र के रूप में विकसित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को एक सशक्त मंच उपलब्ध होगा।
पोषण और प्रारंभिक शिक्षा को मजबूती
प्रदेश में 500 नए आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण हेतु 42 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे बच्चों, किशोरियों और गर्भवती माताओं को बेहतर पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और प्रारंभिक शिक्षा की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मंत्री ने कहा कि इससे कुपोषण के विरुद्ध अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
बेटियों के भविष्य को आर्थिक संबल
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने रानी दुर्गावती योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि 18 वर्ष पूर्ण करने पर पात्र बालिकाओं को 1.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह सहायता बेटियों की उच्च शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह पहल बेटियों के सम्मान और सुरक्षित भविष्य का मजबूत आधार बनेगी।
सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में कदम
राजवाड़े ने कहा कि “महतारी गौरव वर्ष केवल उत्सव नहीं, बल्कि माताओं और बेटियों के स्वाभिमान, अधिकार और सशक्तिकरण का संकल्प है।” उन्होंने कहा कि यह बजट सामाजिक न्याय, समान अवसर और संवेदनशील शासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
अंत में मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि बजट 2026-27 के ये प्रावधान छत्तीसगढ़ को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएंगे और आने वाले वर्षों में लाखों महिलाओं और बालिकाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव का मार्ग प्रशस्त करेंगे।