पडरी कला आंगनवाड़ी केंद्र कार्य समय में मिला बंद, ग्रामीणों ने जांच और कार्रवाई की मांग उठाई

सिंगरौली जिले के चितरंगी विकासखंड स्थित ग्राम पडरी कला के आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-01 के कार्य समय में बंद मिलने का मामला सामने आया है। दोपहर 1:49 बजे ली गई जीपीएस युक्त तस्वीर में केंद्र के मुख्य गेट पर ताला लगा दिखाई दिया। ग्रामीणों ने महिला एवं बाल विकास विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।

Jul 25, 2026 - 16:35
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पडरी कला आंगनवाड़ी केंद्र कार्य समय में मिला बंद, ग्रामीणों ने जांच और कार्रवाई की मांग उठाई

UNITED NEWS OF ASIA. आदर्श तिवारी, सिंगरौली l जिले के चितरंगी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पडरी कला स्थित आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-01 को लेकर लापरवाही का मामला सामने आया है। आरोप है कि केंद्र निर्धारित कार्य समय के दौरान बंद मिला, जिससे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को मिलने वाली शासकीय सेवाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने महिला एवं बाल विकास विभाग से मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 25 जुलाई 2026 को दोपहर 1:49 बजे ली गई जीपीएस युक्त तस्वीर में आंगनवाड़ी केंद्र के मुख्य गेट पर ताला लगा दिखाई दिया। यह समय आंगनवाड़ी केंद्र के नियमित संचालन का माना जाता है। ऐसे में केंद्र बंद मिलने से स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है कि बच्चों को मिलने वाला पोषण आहार, प्रारंभिक शिक्षा तथा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को दी जाने वाली स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि आंगनवाड़ी केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं के संचालन का प्रमुख माध्यम है। यहां छोटे बच्चों को पूरक पोषण, प्री-स्कूल शिक्षा, टीकाकरण से जुड़ी जानकारी, गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श तथा धात्री माताओं को पोषण संबंधी सहायता जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। यदि कार्य समय में केंद्र बंद रहता है तो इन सेवाओं का लाभ हितग्राहियों तक समय पर नहीं पहुंच पाता।

स्थानीय लोगों ने बताया कि कार्य समय में केंद्र बंद मिलने से विभागीय कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लग गया है। उनका कहना है कि यदि नियमित रूप से केंद्र संचालित नहीं होगा तो शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य प्रभावित होगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर यह पता लगाया जाए कि केंद्र कार्य समय में बंद क्यों था और यदि इसमें किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों, किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार लाना है। ऐसे में आंगनवाड़ी केंद्रों का नियमित संचालन अत्यंत आवश्यक माना जाता है। केंद्र बंद रहने की शिकायत सामने आने के बाद अब लोगों की निगाहें विभागीय कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

ग्रामीणों ने यह भी अपेक्षा जताई है कि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए आंगनवाड़ी केंद्रों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी हितग्राहियों को समय पर योजनाओं का लाभ मिले, इसके लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा आवश्यक कदम उठाए जाएं।

अब देखना होगा कि महिला एवं बाल विकास विभाग इस मामले को किस गंभीरता से लेते हुए जांच कराता है और यदि लापरवाही सिद्ध होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और ग्रामीण विभाग से त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।