सी21 मॉल की पार्किंग पर निगम का एक्शन, 29 अवैध दुकानों पर ताले, ट्रैफिक राहत पर सवाल बरकरार

इंदौर के विजयनगर स्थित सी21 मॉल में पार्किंग क्षेत्र में संचालित 29 अवैध दुकानों पर नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए ताले लगा दिए। जांच में सामने आया कि पार्किंग की जगह का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। हालांकि दुकानों का ढांचा अभी भी मौजूद है, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

Aug 7, 2026 - 15:29
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सी21 मॉल की पार्किंग पर निगम का एक्शन, 29 अवैध दुकानों पर ताले, ट्रैफिक राहत पर सवाल बरकरार

UNITED NEWS OF ASIA. राजेश धाकड़, इंदौर l इंदौर के विजयनगर स्थित सी21 मॉल में पार्किंग क्षेत्र के व्यावसायिक उपयोग को लेकर नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 29 अवैध दुकानों पर ताले जड़ दिए। यह कार्रवाई उस मामले के सामने आने के बाद की गई, जिसमें आरोप था कि मॉल परिसर की पार्किंग के लिए आरक्षित जगह पर बिना वैध अनुमति के दुकानें संचालित की जा रही थीं। नगर निगम की इस कार्रवाई के बाद जहां नियमों के पालन का संदेश गया, वहीं शहरवासियों के बीच यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या केवल दुकानों को सील कर देने से ट्रैफिक जाम की समस्या का समाधान हो जाएगा।

जानकारी के अनुसार, मामला उजागर होने के बाद निगमायुक्त क्षितिज सिंघल के निर्देश पर नगर निगम के लाइसेंस विभाग की टीम ने सी21 मॉल में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि पार्किंग क्षेत्र में 25 से 30 दुकानें संचालित की जा रही थीं। इनमें से 29 दुकानों के पास आवश्यक अनुमति और लाइसेंस नहीं पाए गए, जिसके बाद निगम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी दुकानों को सील कर दिया।

बताया गया कि इन दुकानों के माध्यम से मॉल प्रबंधन हर महीने प्रति दुकान 25 से 30 हजार रुपये तक का किराया वसूल रहा था। सील की गई दुकानों में वंशिका कलेक्शन, तनिष्क एंटरप्राइजेज, जयपुरी ज्वेलरी, द चॉकलेट जंक्शन और हाई फैशन सहित कई अन्य प्रतिष्ठान शामिल हैं।

हालांकि नगर निगम की कार्रवाई के बावजूद स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि केवल दुकानों पर ताले लगाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। उनका तर्क है कि दुकानों का निर्माण अभी भी पार्किंग क्षेत्र में मौजूद है। जब तक इन अवैध निर्माणों को पूरी तरह हटाकर पार्किंग की मूल व्यवस्था बहाल नहीं की जाती, तब तक वाहन चालकों को मॉल परिसर में पर्याप्त पार्किंग उपलब्ध नहीं हो सकेगी।

वर्तमान में मॉल आने वाले अधिकांश ग्राहक अपने वाहन बाहर सर्विस रोड पर खड़े करने को मजबूर हैं। इसका सीधा असर विजयनगर क्षेत्र की यातायात व्यवस्था पर पड़ रहा है, जहां प्रतिदिन लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिलता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि पार्किंग की सुविधा बहाल होने पर ही सड़क पर खड़े वाहनों की संख्या कम होगी और यातायात सुचारु हो सकेगा।

नगर निगम की इस कार्रवाई को लेकर अब लोगों की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि अवैध दुकानों के ढांचे नहीं हटाए गए तो यह कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगी। वहीं यदि पार्किंग क्षेत्र को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया जाता है तो इससे न केवल यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि भवन निर्माण नियमों के प्रभावी पालन का भी सकारात्मक संदेश जाएगा।

फिलहाल निगम की कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि पार्किंग क्षेत्र के दुरुपयोग को लेकर प्रशासन गंभीर है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सीलिंग के बाद अवैध निर्माणों को हटाने और पार्किंग व्यवस्था बहाल करने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं। इससे ही तय होगा कि यह कार्रवाई शहर की यातायात समस्या के समाधान की दिशा में प्रभावी साबित होती है या केवल एक प्रारंभिक कदम बनकर रह जाती है।