सागर के केसली में तेज आंधी-तूफान से मक्का की फसल चौपट, किसानों ने मुआवजे की मांग की

सागर जिले के केसली विकासखंड के ग्राम झिरिया सेमरा में तेज बारिश और आंधी-तूफान से मक्का की फसल को भारी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। किसानों के अनुसार झिरिया सेमरा मौजा में फसल का बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ है। किसानों ने नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है और इस संबंध में तहसीलदार केसली को आवेदन देकर जानकारी दी है।

Sep 21, 2026 - 17:48
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सागर के केसली में तेज आंधी-तूफान से मक्का की फसल चौपट, किसानों ने मुआवजे की मांग की

UNITED NEWS OF ASIA. योगेश विश्वकर्मा, सागर l मध्य प्रदेश के सागर जिले में मौसम के बदले मिजाज का असर किसानों की फसलों पर पड़ा है। केसली विकासखंड के ग्राम झिरिया सेमरा में तेज बारिश और आंधी-तूफान के कारण मक्का की फसल को भारी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। किसानों के मुताबिक खेतों में खड़ी मक्का की फसल तेज हवाओं और बारिश की चपेट में आने से प्रभावित हुई है। कई खेतों में फसल के सुरक्षित नहीं बचने की बात किसानों द्वारा कही जा रही है।

झिरिया सेमरा मौजा में किसानों ने बताया कि तेज आंधी-तूफान के साथ हुई बारिश के कारण खेतों में खड़ी मक्का की फसल को नुकसान हुआ है। मौसम की मार से किसानों की मेहनत और फसल पर संकट खड़ा हो गया है। किसानों का कहना है कि उन्होंने फसल तैयार करने के लिए लंबे समय से मेहनत और लागत लगाई थी, लेकिन अचानक आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने उनकी उम्मीदों को प्रभावित कर दिया।

किसानों के अनुसार झिरिया सेमरा क्षेत्र में मक्का की फसल का व्यापक स्तर पर नुकसान हुआ है। खेतों में फसल प्रभावित होने के बाद किसान अब प्रशासन से नुकसान का आकलन कराने की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि समय पर फसल क्षति का सर्वे कराया जाता है तो वास्तविक नुकसान का आकलन किया जा सकता है और उसके आधार पर राहत उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।

फसल को हुए नुकसान की जानकारी किसानों ने केसली तहसील प्रशासन को भी दी है। किसानों द्वारा तहसीलदार केसली को आवेदन के माध्यम से स्थिति से अवगत कराया गया है। आवेदन में तेज बारिश और आंधी-तूफान के कारण मक्का की फसल को हुए नुकसान की जानकारी देते हुए उचित मुआवजा दिलाने की मांग की गई है। किसानों की मांग है कि प्रशासनिक स्तर पर खेतों का निरीक्षण और फसल नुकसान का सर्वे कराया जाए।

किसानों का कहना है कि कृषि पर उनकी आजीविका निर्भर है और प्राकृतिक आपदा जैसी स्थिति में फसल खराब होने से आर्थिक परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत और मुआवजा मिलना जरूरी है। किसानों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सर्वे की कार्रवाई शुरू करने और नुकसान के आधार पर सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

तेज बारिश और आंधी-तूफान के कारण फसल नुकसान की यह स्थिति सामने आने के बाद किसानों की नजर अब प्रशासनिक कार्रवाई पर है। किसानों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर फसलों की स्थिति का जायजा लेगा और नुकसान का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर पात्र किसानों को शासन की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार राहत मिल सकेगी। फिलहाल झिरिया सेमरा के किसान फसल नुकसान के बाद उचित मुआवजे की मांग को लेकर प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद लगाए हुए हैं।