फर्जी दस्तावेजों से CISF में नौकरी हासिल करने वाला आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार

दंतेवाड़ा पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर CISF में नौकरी हासिल करने के आरोप में उत्तर प्रदेश के रायबरेली निवासी सत्यम दीक्षित को राजस्थान के देवली से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने दंतेवाड़ा जिले का कथित फर्जी निवास और आय प्रमाण पत्र बनवाकर CISF भर्ती प्रक्रिया में इस्तेमाल किया था। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

Sep 21, 2026 - 16:44
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फर्जी दस्तावेजों से CISF में नौकरी हासिल करने वाला आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार

UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चौधरी, दंतेवाड़ा l फर्जी दस्तावेजों के जरिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी CISF में नौकरी हासिल करने के मामले में दंतेवाड़ा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी सत्यम दीक्षित को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले का निवासी है और उसने कथित तौर पर दंतेवाड़ा जिले का फर्जी निवास प्रमाण पत्र एवं आय प्रमाण पत्र तैयार करवाकर CISF भर्ती प्रक्रिया में इस्तेमाल किया था। भर्ती के बाद आरोपी राजस्थान के देवली में नौकरी कर रहा था।

पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा चंद्र मोहन सिंह के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेंद्र खूंटे और एसडीओपी दंतेवाड़ा आकांक्षा ठाकुर के मार्गदर्शन में थाना सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा की गई। मामले की विवेचना के दौरान दस्तावेजों से संबंधित जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने प्रमाण पत्रों की वैधता और उन्हें जारी कराने के लिए प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों का सत्यापन कराया।

जांच के दौरान राजस्व अधिकारियों और तहसील कार्यालय से संबंधित प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया गया। पुलिस के अनुसार सत्यापन में प्रमाण पत्रों के लिए प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की सत्यता संदिग्ध पाए जाने संबंधी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। इसके बाद पुलिस ने मामले में आगे की जांच शुरू की और आरोपी की तलाश में जुट गई। जांच के दौरान आरोपी के राजस्थान के देवली में होने की जानकारी पुलिस को मिली।

जानकारी मिलने के बाद दंतेवाड़ा पुलिस की टीम राजस्थान पहुंची और देवली से सत्यम दीक्षित को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। न्यायालय से आरोपी को जेल भेज दिया गया। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और प्रमाण पत्र हासिल करने की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही।

पुलिस के अनुसार प्रकरण में केवल आरोपी तक जांच सीमित नहीं है। फर्जी दस्तावेज तैयार कराने, उन्हें सत्यापित कराने अथवा प्रमाण पत्र प्राप्त करने में यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस दस्तावेज तैयार होने से लेकर CISF भर्ती प्रक्रिया में उनके उपयोग तक की पूरी कड़ी की जांच कर रही है।

दंतेवाड़ा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सरकारी नौकरी या किसी शासकीय योजना एवं लाभ को प्राप्त करने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल न करें। पुलिस ने कहा है कि इस तरह के मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ विधि के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कार्रवाई में निरीक्षक धनंजय सिन्हा, उप निरीक्षक राजेश कुमार, आरक्षक क्रमांक 91 प्रमोद यादव और आरक्षक क्रमांक 1268 पंकज मरकाम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।