मुंबई की बदलती जनसांख्यिकी पर किरीट सोमैया ने जताई चिंता, CM देवेंद्र फडणवीस को लिखा पत्र, समिति बनाने की मांग

बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने मुंबई की जनसांख्यिकी में बदलाव को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने पिछले पांच वर्षों में हिंदू और मुस्लिम बच्चों के जन्म से जुड़े आंकड़े साझा करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है। सोमैया ने शहर की जनसंख्या से जुड़े आंकड़ों की समीक्षा के लिए डेमोग्राफी संतुलन समिति गठित करने की मांग की है।

Nov 6, 2026 - 12:11
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मुंबई की बदलती जनसांख्यिकी पर किरीट सोमैया ने जताई चिंता, CM देवेंद्र फडणवीस को लिखा पत्र, समिति बनाने की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की जनसांख्यिकी को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने शहर की बदलती जनसंख्या संरचना पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है। उन्होंने मुंबई में पिछले पांच वर्षों के दौरान हिंदू और मुस्लिम बच्चों के जन्म से संबंधित आंकड़े साझा किए हैं। साथ ही इन आंकड़ों की समीक्षा के लिए एक विशेष डेमोग्राफी संतुलन समिति गठित करने की मांग की है।

किरीट सोमैया ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि मुंबई में पिछले पांच वर्षों के दौरान अलग-अलग धार्मिक समुदायों के बच्चों के जन्म के आंकड़ों में अंतर देखने को मिला है। उनके अनुसार, इस अवधि में शहर में 3,36,525 हिंदू बच्चों और 2,20,754 मुस्लिम बच्चों का जन्म हुआ। उन्होंने इन आंकड़ों के आधार पर अपनी चिंता जाहिर की है।

हालांकि, इन आंकड़ों के स्रोत, उनकी गणना के आधार और स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि की जानकारी सामने आना जरूरी है। केवल जन्म के आंकड़ों के आधार पर किसी शहर की भविष्य की जनसांख्यिकी के बारे में अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखा पत्र

बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने इस मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने मुंबई की जनसंख्या से जुड़े आंकड़ों का विस्तृत अध्ययन कराने और डेमोग्राफी संतुलन समिति गठित करने का अनुरोध किया है।

सोमैया का कहना है कि शहर की बदलती जनसांख्यिकी पर नजर रखने और इससे संबंधित तथ्यों की नियमित समीक्षा करने की आवश्यकता है। उन्होंने प्रशासन से इस विषय पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है।

पांच साल के जन्म आंकड़े साझा कर जताई चिंता

सोशल मीडिया पोस्ट में सोमैया ने पिछले पांच वर्षों में मुंबई में जन्मे बच्चों के आंकड़े प्रस्तुत किए। उनके दावे के मुताबिक, इस अवधि में हिंदू बच्चों की संख्या 3,36,525 और मुस्लिम बच्चों की संख्या 2,20,754 रही।

उन्होंने इन आंकड़ों की तुलना करते हुए कहा कि हर तीन हिंदू बच्चों के जन्म के मुकाबले दो मुस्लिम बच्चों का जन्म हुआ। इन्हीं आंकड़ों को आधार बनाकर उन्होंने शहर की जनसंख्या संरचना को लेकर सवाल उठाए हैं।

हालांकि, जन्म दर और जनसंख्या संरचना को समझने के लिए केवल एक आंकड़ा पर्याप्त नहीं होता। इसके लिए कुल जनसंख्या, आयु संरचना, प्रवास, मृत्यु दर और अन्य सामाजिक-आर्थिक पहलुओं का अध्ययन भी जरूरी होता है।

‘मुस्लिम मुंबई’ वाले बयान से राजनीतिक बहस

किरीट सोमैया ने मुंबई को 'मुस्लिम मुंबई' बनाने की कोशिश किए जाने की आशंका भी जताई है। उनके इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में जनसांख्यिकी और धार्मिक आधार पर जनसंख्या संबंधी आंकड़ों को लेकर चर्चा तेज होने की संभावना है।

मुंबई देश का एक प्रमुख आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र है, जहां विभिन्न धर्मों, भाषाओं और समुदायों के लोग लंबे समय से साथ रहते आए हैं। ऐसे में जनसंख्या से जुड़े किसी भी दावे का मूल्यांकन प्रमाणित सरकारी आंकड़ों और निष्पक्ष अध्ययन के आधार पर किया जाना महत्वपूर्ण है।

फिलहाल इस पूरे मामले में किरीट सोमैया की मांग और उनके द्वारा साझा किए गए आंकड़े चर्चा का विषय बने हुए हैं। अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और महाराष्ट्र सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।