Oracle में फिर छंटनी, भारत में करीब 3 हजार कर्मचारियों पर असर; सेवरेंस की शर्तें भी सामने आईं
अमेरिकी टेक कंपनी Oracle ने भारत में 2026 की दूसरी बड़ी छंटनी शुरू की है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस दौर में करीब 3 हजार कर्मचारियों की नौकरियां प्रभावित हुई हैं। Oracle Health, OCI Security, Oracle Financial Services, सेल्स और डेटा सेंटर से जुड़े कार्यों में कटौती की जानकारी सामने आई है। कर्मचारियों को दिए गए सेवरेंस पैकेज में अधिकतम 26 सप्ताह के बेसिक वेतन की सीमा बताई गई है। अप्रैल में Oracle की वैश्विक स्तर पर करीब 30 हजार नौकरियों में कटौती की खबर सामने आई थी।
UNITED NEWS OF ASIA. अमेरिकी टेक कंपनी Oracle में कर्मचारियों की छंटनी का एक और दौर शुरू हो गया है। सितंबर 2026 में शुरू हुई इस नई कार्रवाई का असर भारत में भी दिखाई दे रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, भारत में करीब 3 हजार कर्मचारियों की नौकरियां प्रभावित हुई हैं। यह 2026 में Oracle की भारत में दूसरी बड़ी छंटनी बताई जा रही है। कंपनी ने कर्मचारियों को भेजे गए संदेश में संगठनात्मक बदलाव और ऑपरेशन्स को सरल बनाने की प्रक्रिया का हवाला दिया है।
नई छंटनी Oracle के कई कारोबार और विभागों तक पहुंची है। रिपोर्टों में Oracle Health, OCI Security, Oracle Financial Services के साथ सेल्स और डेटा सेंटर से जुड़े कार्यों का उल्लेख किया गया है। प्रभावित कर्मचारियों में अलग-अलग स्तर पर काम करने वाले लोग शामिल बताए जा रहे हैं। कंपनी ने भारत में प्रभावित कर्मचारियों की सटीक संख्या सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं की है, इसलिए करीब 3 हजार का आंकड़ा कर्मचारियों और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है।
इस छंटनी के साथ कर्मचारियों के लिए सेवरेंस पैकेज की शर्तें भी चर्चा में हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, Oracle की आंतरिक जानकारी में प्रभावित कर्मचारियों के लिए सेवरेंस को अधिकतम 26 सप्ताह के बेसिक वेतन तक सीमित बताया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गणना में शुरुआती एक साल की सेवा के लिए चार सप्ताह का बेसिक वेतन और उसके बाद प्रत्येक वर्ष की सेवा के लिए एक अतिरिक्त सप्ताह का बेसिक वेतन शामिल है।
नई नौकरी कटौती का असर कर्मचारियों के स्टॉक और बोनस से जुड़े लाभों पर भी पड़ सकता है। रिपोर्टों के मुताबिक, नौकरी समाप्त होने के बाद अनवेस्टेड स्टॉक अवॉर्ड खत्म हो जाएंगे और प्रभावित कर्मचारी भविष्य के कॉर्पोरेट बोनस के पात्र नहीं रहेंगे। कर्मचारी स्टॉक खरीद योजना में उनकी भागीदारी भी नौकरी समाप्त होने के साथ खत्म होने की जानकारी सामने आई है। पहले से वेस्ट हो चुके स्टॉक विकल्पों के इस्तेमाल के लिए निर्धारित समय दिए जाने की बात भी रिपोर्टों में कही गई है।
Oracle में यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश पर जोर दे रही है। रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी लागत और संसाधनों को पुनर्गठित करते हुए AI से जुड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। इसी व्यापक पुनर्गठन के बीच कर्मचारियों की संख्या में कटौती का नया दौर सामने आया है।
इससे पहले अप्रैल 2026 में Oracle की वैश्विक स्तर पर करीब 30 हजार नौकरियों में कटौती की रिपोर्ट सामने आई थी। भारत में उस समय प्रभावित कर्मचारियों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए थे। Business Standard ने कंपनी से जुड़े सूत्रों के हवाले से भारत में करीब 2,500 से 3,000 कर्मचारियों के प्रभावित होने की बात कही थी, जबकि अन्य रिपोर्टों में यह संख्या करीब 10 से 12 हजार तक बताई गई थी। इसलिए अप्रैल की भारत संबंधी संख्या को लेकर रिपोर्टों में एकरूपता नहीं थी।
सितंबर की ताजा छंटनी के बाद Oracle के भारत स्थित कर्मचारियों के बीच नौकरी और भविष्य के लाभों को लेकर चिंता बढ़ी है। कंपनी की ओर से इस दौर में भारत में प्रभावित कर्मचारियों की आधिकारिक संख्या और विस्तृत विभागवार आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। ऐसे में करीब 3 हजार का आंकड़ा फिलहाल उपलब्ध मीडिया और सूत्रों पर आधारित अनुमान है।