पंडरिया क्रिकेट टूर्नामेंट में पुलिस ने दिया साइबर सुरक्षा का संदेश, युवाओं को ठगी से बचने की समझाइश

कबीरधाम के पंडरिया में आयोजित ट्रिपल विकेट क्रिकेट टूर्नामेंट में पुलिस टीम ने खिलाड़ियों और क्षेत्रवासियों को साइबर अपराध से बचाव की जानकारी दी। एसडीओपी भूपत सिंह ने फर्जी कॉल, केवाईसी अपडेट, ओटीपी, बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी लिंक, ऑनलाइन नौकरी-निवेश और डिजिटल अरेस्ट जैसी साइबर ठगी से सावधान रहने की अपील की। पुलिस ने साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करने की सलाह दी।

Sep 21, 2026 - 15:58
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पंडरिया क्रिकेट टूर्नामेंट में पुलिस ने दिया साइबर सुरक्षा का संदेश, युवाओं को ठगी से बचने की समझाइश

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कबीरधाम l कबीरधाम जिले में साइबर अपराधों से बचाव को लेकर पुलिस का जागरूकता अभियान लगातार जारी है। इसी अभियान के तहत पंडरिया क्षेत्र में आयोजित ट्रिपल विकेट क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान पुलिस टीम ने खिलाड़ियों और क्षेत्रवासियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। स्वामी आत्मानंद स्कूल में आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट में पुलिस अनुविभागीय अधिकारी पंडरिया भूपत सिंह पहुंचे और खेल में शामिल खिलाड़ियों तथा उपस्थित लोगों से संवाद किया। इस दौरान खेल गतिविधियों के साथ साइबर अपराधों से बचाव को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई।

कबीरधाम पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित पटेल के मार्गदर्शन में जिले में साइबर जागृति अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत पुलिस की ओर से अलग-अलग स्थानों पर लोगों को ऑनलाइन ठगी के तरीकों और उनसे बचने के उपायों की जानकारी दी जा रही है। पंडरिया में आयोजित कार्यक्रम भी इसी अभियान का हिस्सा रहा।

एसडीओपी भूपत सिंह ने खिलाड़ियों और क्षेत्रवासियों को बताया कि साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बनाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने फर्जी कॉल, केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी, बैंक अधिकारी बनकर संपर्क करने, ओटीपी और एटीएम संबंधी जानकारी मांगने, फर्जी लिंक भेजने, ऑनलाइन नौकरी और निवेश के नाम पर धोखाधड़ी तथा डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डर पैदा करने जैसी घटनाओं से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए होने वाली धोखाधड़ी को लेकर भी सावधानी बरतने की जानकारी दी।

पुलिस ने लोगों को समझाइश दी कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, एटीएम या डेबिट कार्ड की जानकारी, सीवीवी, पासवर्ड, यूपीआई पिन और बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अनजान एप्लीकेशन डाउनलोड करने से भी बचने की सलाह दी गई। सोशल मीडिया अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करने की बात कही गई।

कार्यक्रम में साइबर ठगी होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया। पुलिस ने बताया कि पीड़ित व्यक्ति को बिना समय गंवाए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। इसके साथ ही संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था को भी तुरंत घटना की जानकारी देने की सलाह दी गई। पुलिस के अनुसार साइबर ठगी की सूचना जितनी जल्दी दी जाती है, संदिग्ध लेनदेन को रोकने या राशि की रिकवरी की संभावना उतनी ही बढ़ सकती है।

एसडीओपी भूपत सिंह ने युवाओं से स्वयं साइबर जागरूक बनने और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल दुनिया में सतर्कता और सही निर्णय साइबर सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। कार्यक्रम में थाना प्रभारी पंडरिया निरीक्षक अजय सिन्हा सहित थाना पंडरिया की पुलिस टीम मौजूद रही। पंडरिया पुलिस ने बताया कि क्षेत्र में साइबर जागरूकता अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।