रूस में यूनाइटेड रशिया की बड़ी जीत, 355 सीटों के साथ रिकॉर्ड बहुमत की ओर
रूस के संसदीय चुनाव में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के समर्थन वाली यूनाइटेड रशिया पार्टी ने शुरुआती नतीजों में 450 में से 355 सीटों पर जीत या बढ़त दर्ज की है। 95% से अधिक मतों की गिनती के बाद पार्टी को पार्टी-लिस्ट वोट में 57.83% समर्थन मिला। यह यूनाइटेड रशिया के लिए स्टेट ड्यूमा चुनाव में अब तक का सबसे बड़ा सीट आंकड़ा बताया जा रहा है। चुनाव यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पहला संसदीय चुनाव था।
UNITED NEWS OF ASIA. रूस में हुए संसदीय चुनाव के शुरुआती नतीजों में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के समर्थन वाली यूनाइटेड रशिया पार्टी ने 450 सदस्यीय स्टेट ड्यूमा में 355 सीटें हासिल करने की स्थिति बनाई है। सेंट्रल इलेक्शन कमीशन के अनुसार, 95 प्रतिशत से अधिक मतों की गिनती के बाद पार्टी को 225 पार्टी-लिस्ट सीटों के लिए 57.83 प्रतिशत वोट मिले हैं। इसके अलावा 225 सिंगल-मेंबर निर्वाचन क्षेत्रों में यूनाइटेड रशिया के उम्मीदवार 208 सीटों पर आगे चल रहे थे। चुनाव आयोग की प्रमुख एला पमफिलोवा ने शुरुआती आंकड़ों के आधार पर पार्टी के 355 सीटें हासिल करने की संभावना बताई। यह यूनाइटेड रशिया के लिए स्टेट ड्यूमा चुनाव में अब तक का सबसे बड़ा सीट आंकड़ा होगा।
इन नतीजों के साथ यूनाइटेड रशिया ने संसद के निचले सदन में अपना संवैधानिक बहुमत बरकरार रखा है। 2021 के पिछले संसदीय चुनाव में पार्टी ने 450 में से 324 सीटें जीती थीं और पार्टी-लिस्ट वोट में उसे 49.82 प्रतिशत समर्थन मिला था। इस बार शुरुआती आंकड़ों में उसका वोट प्रतिशत 57.83 प्रतिशत दर्ज किया गया है। 2016 के चुनाव में यूनाइटेड रशिया ने 343 सीटें जीती थीं, इसलिए 355 सीटों का मौजूदा अनुमान पार्टी के लिए अब तक का सबसे बड़ा संसदीय आंकड़ा माना जा रहा है।
यह चुनाव फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के पूर्ण पैमाने के सैन्य अभियान शुरू होने के बाद पहला संसदीय चुनाव था। राष्ट्रपति पुतिन ने चुनाव को यूक्रेन में जारी युद्ध के संदर्भ में जनता के समर्थन से जोड़कर पेश किया था। चुनाव के दौरान विपक्षी उम्मीदवारों की भागीदारी को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठे। एपी और अन्य रिपोर्टों के अनुसार, उदारवादी और युद्ध-विरोधी याब्लोको पार्टी को पार्टी-लिस्ट चुनाव में भाग लेने से रोक दिया गया था, हालांकि उसके कुछ उम्मीदवारों को अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव लड़ने की अनुमति मिली। विपक्षी समूहों ने चुनाव प्रक्रिया में प्रतिबंधों और अनियमितताओं के आरोप लगाए, जबकि रूसी चुनाव अधिकारियों ने मतदान प्रक्रिया को वैध बताया।
चुनाव में अन्य दलों को भी सीटें मिलने की स्थिति बनी है। शुरुआती आंकड़ों में कम्युनिस्ट पार्टी को पार्टी-लिस्ट वोट में 13.81 प्रतिशत, लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ रूस को 8.98 प्रतिशत और न्यू पीपल पार्टी को 7.96 प्रतिशत वोट मिले। सिंगल-मेंबर सीटों में भी कुछ अन्य दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने बढ़त बनाई है। अंतिम आधिकारिक आंकड़े पूरी मतगणना और निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सामने आएंगे।
रूस में मतदान के दौरान यूक्रेन से जुड़े सैन्य तनाव का असर भी देखने को मिला। चुनाव के अंतिम चरण में रूस के विभिन्न हिस्सों और मॉस्को क्षेत्र पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमलों की खबरें सामने आईं। रूसी अधिकारियों ने बड़ी संख्या में ड्रोन को मार गिराने का दावा किया। चुनाव आयोग ने मतदान प्रणाली पर साइबर हमलों के प्रयासों की भी जानकारी दी। इन घटनाओं के बीच मतदान प्रक्रिया जारी रही।
व्लादिमीर पुतिन यूनाइटेड रशिया के औपचारिक सदस्य नहीं हैं, हालांकि वे 2008 से 2012 तक पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हैं। 2012 में उन्होंने पार्टी अध्यक्ष का पद छोड़ दिया था और उसके बाद दिमित्री मेदवेदेव ने पार्टी की कमान संभाली। मौजूदा चुनाव परिणामों में यूनाइटेड रशिया की बढ़त के साथ रूस की संसद में पार्टी की स्थिति और मजबूत हुई है। हालांकि, अभी शुरुआती परिणामों के आधार पर सीटों का आंकड़ा बताया गया है और अंतिम आधिकारिक परिणाम जारी होने के बाद इसमें बदलाव संभव है।