रामलीला मैदान की रैली में भीड़ दिखाने के लिए AI के इस्तेमाल का आरोप, किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर कसा तंज

दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की रैली को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। भाजपा नेता किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर रैली में भारी भीड़ दिखाने के लिए AI से तैयार तस्वीर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। वहीं, भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बीच मतभेद होने का दावा करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। रैली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित की गई थी।

Nov 2, 2026 - 14:34
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रामलीला मैदान की रैली में भीड़ दिखाने के लिए AI के इस्तेमाल का आरोप, किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर कसा तंज

UNITED NEWS  OF ASIA. दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया गठबंधन की रैली के बाद अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। रैली में भीड़ की संख्या और सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीर को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता किरेन रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने रैली में भारी भीड़ दिखाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से तैयार तस्वीर का इस्तेमाल किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तस्वीर साझा करते हुए राहुल गांधी और कांग्रेस की प्रचार रणनीति पर तंज कसा।

रिजिजू ने रविवार, 1 नवंबर को एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि रामलीला मैदान में भारी भीड़ दिखाने के लिए कांग्रेस को कम से कम AI से बनी तस्वीर तो ठीक से तैयार करनी चाहिए थी। उन्होंने कांग्रेस की कथित फर्जी नैरेटिव टीम पर भी निशाना साधा। रिजिजू के इस बयान के बाद रैली की तस्वीर और उसमें दिखाई गई भीड़ को लेकर राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई। हालांकि, तस्वीर के AI से बनाए जाने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि सामने आई जानकारी में नहीं हुई है। ऐसे में इस आरोप को भाजपा नेता का राजनीतिक दावा माना जाना चाहिए।

दरअसल, इंडिया गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली के रामलीला मैदान में यह रैली आयोजित की थी। इसमें कांग्रेस समेत विपक्षी गठबंधन के करीब 19 राजनीतिक दलों के शामिल होने की बात कही गई। रैली से पहले बड़ी संख्या में लोगों के जुटने का दावा किया गया था। कांग्रेस की ओर से भी कार्यक्रम में लाखों लोगों के पहुंचने की बात कही गई, जबकि भाजपा नेताओं ने भीड़ को लेकर सवाल उठाए। रैली में वास्तविक रूप से कितने लोग शामिल हुए, इस संबंध में कोई प्रमाणित आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं कराया गया है।

रैली में शामिल होने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर विपक्षी दलों के नेता एकत्र हुए। इसके बाद नेता खुली बसों में सवार होकर मिंटो ब्रिज पहुंचे और वहां से रामलीला मैदान के लिए रवाना हुए। इस दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी एक ही बस में दिखाई दिए। बस में राहुल गांधी सबसे आगे बैठे नजर आए, जबकि प्रियंका गांधी उनसे पीछे बैठी थीं। विपक्षी नेताओं की इस तस्वीर को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं हुईं।

इसी बीच भाजपा ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बीच कथित मतभेद का मुद्दा भी उठाया। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने दावा किया कि रैली के दौरान प्रियंका गांधी को संबोधित करने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने इसे कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और आपसी तालमेल से जुड़ा मुद्दा बताते हुए निशाना साधा। हालांकि, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बीच मतभेद होने के भाजपा के इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

कुल मिलाकर, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित इंडिया गठबंधन की रैली अब राजनीतिक मुद्दों के साथ-साथ AI तस्वीर विवाद और कांग्रेस के अंदरूनी समीकरणों को लेकर भी चर्चा में है। एक ओर विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी आवाज उठाई, तो दूसरी ओर भाजपा ने रैली की भीड़, प्रचार और नेतृत्व को लेकर सवाल खड़े किए हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को तेज कर दिया है।