छत्तीसगढ़ में 2% नहीं, 5% DA वृद्धि की मांग को लेकर शालेय शिक्षक संघ ने खोला मोर्चा, देय तिथि से एरियर्स भुगतान की उठाई मांग
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत वृद्धि किए जाने के बाद शालेय शिक्षक संघ विकासखंड कोयलीबेड़ा ने असंतोष जताया है। संघ ने केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार के समान 5 प्रतिशत DA वृद्धि देय तिथि से लागू करने तथा लंबित अवधि का पूरा एरियर्स भुगतान करने की मांग की है। इस संबंध में संघ ने मुख्यमंत्री के नाम अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पखांजूर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। ब्लॉक अध्यक्ष गणेश दास और सचिव गोविन्द बघेल ने इसे कर्मचारियों का न्यायसंगत अधिकार बताया।
UNITED NEWS OF ASIA. रोहित देहारी, पखांजूर l छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में हाल ही में की गई 2 प्रतिशत वृद्धि को लेकर शालेय शिक्षक संघ ने असंतोष जताया है। संघ ने केंद्र सरकार और मध्यप्रदेश सरकार के समान 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता वृद्धि लागू करने तथा देय तिथि से वास्तविक भुगतान तिथि तक का पूरा एरियर्स देने की मांग उठाई है। इसी मांग को लेकर शालेय शिक्षक संघ विकासखंड कोयलीबेड़ा ने मुख्यमंत्री के नाम अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पखांजूर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।
संघ का कहना है कि महंगाई का असर केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों पर समान रूप से पड़ता है। ऐसे में महंगाई भत्ते के लाभ में अंतर और भुगतान में देरी से कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। संघ ने शासन से मांग की है कि कर्मचारियों को महंगाई भत्ते का लाभ केंद्र सरकार के समान दिया जाए और इसकी गणना निर्धारित देय तिथि से की जाए।
चार प्रमुख मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
शालेय शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग है कि महंगाई भत्ते में 5 प्रतिशत की वृद्धि केंद्र सरकार और मध्यप्रदेश सरकार के समान देय तिथि से लागू की जाए। दूसरी मांग के तहत देय तिथि से वास्तविक भुगतान की तारीख तक की संपूर्ण एरियर्स राशि कर्मचारियों को देने की बात कही गई है।
संघ की तीसरी मांग है कि भविष्य में जब भी केंद्र सरकार महंगाई भत्ते में वृद्धि की घोषणा करे, छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को भी बिना किसी विलंब के उसी देय तिथि से इसका लाभ दिया जाए। वहीं चौथी मांग में कर्मचारियों के हितों से जुड़े आर्थिक निर्णयों में शासन से सकारात्मक और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की अपील की गई है।
2 प्रतिशत वृद्धि का स्वागत, लेकिन 5 प्रतिशत की मांग पर अड़ा संघ
संघ ने स्पष्ट किया कि राज्य शासन द्वारा महंगाई भत्ते में की गई 2 प्रतिशत वृद्धि का स्वागत किया गया है, लेकिन संगठन के अनुसार यह कर्मचारियों को केंद्र सरकार के समान लाभ देने के लिए पर्याप्त नहीं है। संघ का मानना है कि महंगाई भत्ते में वृद्धि का उद्देश्य बढ़ती महंगाई के कारण कर्मचारियों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है। इसलिए केंद्र और राज्य के कर्मचारियों के बीच इस लाभ को लेकर अंतर नहीं होना चाहिए।
कर्मचारियों का न्यायसंगत अधिकार बताया
इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष गणेश दास और ब्लॉक सचिव गोविन्द बघेल ने कहा कि संगठन की मांग किसी अतिरिक्त आर्थिक लाभ की नहीं, बल्कि कर्मचारियों को उनका न्यायसंगत अधिकार दिलाने की है। उनका कहना है कि महंगाई का बोझ सभी कर्मचारियों को उठाना पड़ता है। ऐसे में महंगाई भत्ते के भुगतान में देरी करना और कर्मचारियों को देय तिथि से मिलने वाले लाभ से वंचित रखना उचित नहीं है।
संघ ने शासन से मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द निर्णय लेने की अपील की है। अब देखना होगा कि राज्य सरकार कर्मचारियों की इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है। फिलहाल शालेय शिक्षक संघ ने ज्ञापन के माध्यम से महंगाई भत्ते में समान वृद्धि और एरियर्स भुगतान का मुद्दा शासन के सामने रखा है।